पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को मिलेगा संरक्षण

पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को मिलेगा संरक्षण

बांका. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार के द्वारा मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना शुरू की गयी है. इसके तहत युवाओं को विशेषज्ञ गुरुओं के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा. इस संबंध में जिला कला संस्कृति पदाधिकारी प्रीति कुमारी ने बताया है कि इस योजना में गुरु के लिए न्यूनतम 50 वर्ष आयु, बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है. साथ ही संबंधित विलुप्तप्राय विधा में कम से कम 10 वर्षों का अनुभव व प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त स्थान अथवा पृथक प्रशिक्षण केंद्र की उपलब्धता अनिवार्य है. इसके लिए आवेदन केवल विभागीय विहित प्रपत्र में ही स्वीकार किया जायेगा. जो विभागीय वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है. भरे हुए आवेदन पत्र एवं सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र स्पीड पोस्ट या हाथों-हाथ सांस्कृतिक कार्य निदेशालय में 21 अगस्त 2025 तक जमा करना होगा. योजना संबंधी विस्तृत जानकारी एवं सहायता के लिए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, बांका से संपर्क किया जा सकता है. बताया है कि इसका उद्देश्य बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं विलुप्तप्राय पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाओं का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना है.

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By SHUBHASH BAIDYA

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