बांका में एक पल में उजड़ गया पूरा परिवार, ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी और मासूम बेटी की मौत

बांका के शंभुगंज में एक हृदयविदारक घटना हुई, जहाँ ट्रेन की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों - पति, पत्नी और उनकी चार वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। इस त्रासदी ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है, और परिवार के सदस्य सदमे में हैं।

बांका, शंभुगंज. प्रखंड क्षेत्र के पड़रिया पंचायत के भिट्टी गांव निवासी एक परिवार पर मंगलवार की सुबह ऐसा कहर टूटा कि पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. अकबरनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से सुबोध मंडल (45), उनकी पत्नी पूनम देवी (36) की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि उनकी चार वर्षीय इकलौती पुत्री राधिका कुमारी ने भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. तीनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.

पत्नी और बेटी के साथ ट्रेन पर चढ़ने के दौरान हुआ हादसा

परिजनों के अनुसार सुबोध मंडल सोमवार की शाम अपनी ससुराल अमरपुर प्रखंड के कुशमाहा पंचायत अंतर्गत पाठकीय गांव गए थे. मंगलवार सुबह वह पत्नी पूनम देवी और बेटी राधिका कुमारी को लेकर इलाज कराने भागलपुर जा रहे थे. बताया गया कि तीनों अकबरनगर स्टेशन पर भागलपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान भागलपुर की ओर जा रही वर्धमान डाउन 53416 ट्रेन स्टेशन पर आकर रुकी. सुबोध पत्नी का हाथ पकड़कर और बेटी को गोद में लेकर ट्रेन पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और तीनों ट्रेन की चपेट में आ गए.

पति-पत्नी की मौके पर मौत, बेटी ने अस्पताल में तोड़ा दम

हादसे में सुबोध मंडल और उनकी पत्नी पूनम देवी की मौके पर ही मौत हो गयी. गंभीर रूप से घायल चार वर्षीय राधिका कुमारी को इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच, भागलपुर भेजा गया. चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गयी.

फोटो- रेल दुर्घटना में मौत के बाद रोते बिलखते परिजन

खबर मिलते ही भिट्टी गांव में मचा कोहराम

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर मिलते ही भिट्टी गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. मृतक के घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. ग्रामीण परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे और खुद भी भावुक हो उठे.

मृतक के भाई अश्वनी कुमार, भाभी सुमन कुमारी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि एक हादसे ने सुबोध का पूरा परिवार छीन लिया.

आधार कार्ड से मिली हादसे की जानकारी

परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह एक रिश्तेदार को मृतक के पास मिले आधार कार्ड के माध्यम से हादसे की जानकारी मिली. सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटना की जानकारी लेने के लिए भागलपुर की ओर रवाना हुए और घर में कोहराम मच गया.

छह भाइयों में तीसरे नंबर पर था सुबोध

सुबोध मंडल छह भाइयों और चार बहनों में तीसरे नंबर पर था. उसके बड़े भाई रविंद्र मंडल और रंजन मंडल हैं, जबकि मनोज, वीरेंद्र और संतोष छोटे भाई हैं. चारों बहनों की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने ससुराल में रहती हैं. परिजनों के अनुसार सभी भाई अलग-अलग खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. करीब छह वर्ष पहले सुबोध की शादी अमरपुर प्रखंड क्षेत्र के पाठकीय गांव निवासी पूनम देवी से हुई थी. दंपती की एकमात्र संतान चार वर्षीय राधिका थी.

आर्थिक मदद की परिजनों ने लगायी गुहार

एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. परिजनों के अनुसार तीनों के शव देर रात तक भिट्टी गांव पहुंचने की संभावना थी. परिवारजनों ने रेलवे प्रशासन और सरकार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगायी है.

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लेखक के बारे में

By ठाकुर विनोद कुमार

ठाकुर विनोद कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंभूगंज (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं.

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