मलमास समाप्त, 19 जून से फिर गूंजेगी शहनाई, शादी-ब्याह की तैयारियों में जुटे परिवार, बाजारों में बढ़ी रौनक
Wedding Season Returns: करीब एक माह तक चले मलमास के कारण रुके विवाह और अन्य मांगलिक कार्य अब दोबारा शुरू होने जा रहे हैं. 19 जून से शहनाइयों की गूंज के साथ शादी-विवाह का नया सीजन शुरू होगा. इसे लेकर परिवारों, विवाह भवन संचालकों, बैंड-बाजा, कैटरिंग और सजावट व्यवसाय से जुड़े लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट
Banka News : मलमास की समाप्ति के साथ ही विवाह की तैयारियों में जुटे हजारों परिवारों का इंतजार समाप्त हो गया है. 15 जून को पुरुषोत्तम मास खत्म होने के बाद अब 19 जून से एक बार फिर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी और पूरे क्षेत्र में शहनाइयां गूंजने लगेंगी. लंबे समय से विवाह की तिथि का इंतजार कर रहे युवक-युवतियों और उनके परिवारों के लिए यह राहत भरी खबर है.
17 दिनों तक मिलेंगे शुभ विवाह मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य आचार्य भावेश चौबे के अनुसार 15 जून को मलमास समाप्त होने के साथ ही रात 7:56 बजे सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद विवाह सहित सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो जाएगा.पंचांग के अनुसार जून और जुलाई माह में कुल 17 दिनों तक विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे. इनमें जून माह में 12 दिन और जुलाई माह में पांच दिन विवाह के लिए अनुकूल माने गए हैं.
नौ दिन दिन-रात दोनों समय होंगे विवाह
आचार्य चौबे ने बताया कि उपलब्ध शुभ मुहूर्तों में नौ दिन ऐसे रहेंगे, जब दिन और रात दोनों समय विवाह संपन्न कराए जा सकेंगे. वहीं आठ दिनों में गोधूलि बेला और दिन के समय विशेष शुभ लग्न उपलब्ध रहेंगे.हालांकि 16, 17 और 18 जून को विवाह के लिए उपयुक्त नक्षत्र नहीं होने के कारण इन दिनों वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे.
इन तारीखों पर होंगे सबसे ज्यादा विवाह
19 जून से तिलक और विवाह कार्यक्रमों का शुभारंभ हो जाएगा. इसके बाद 22, 24, 28, 29 और 30 जून को भी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं. वहीं जुलाई में 1, 6, 7, 8 और 11 जुलाई को विवाह के अच्छे लग्न प्राप्त होंगे.
भद्रा और मृत्युबाण योग में नहीं होंगे विवाह
आचार्य चौबे ने बताया कि कुछ तिथियों में भद्रा और मृत्युबाण योग के कारण विवाह करना वर्जित माना गया है. ऐसे में विवाह की तिथि तय करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना आवश्यक होगा.उन्होंने बताया कि 12 जुलाई से गुरु वृद्धत्व दोष प्रारंभ हो जायेगा. इसके प्रभाव से विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर पुनः विराम लग जायेगा.
बाजारों में लौटी रौनक, कारोबारियों में उत्साह
विवाह सीजन की वापसी के साथ ही विवाह भवन, टेंट हाउस, बैंड-बाजा, फूल सजावट, कैटरिंग और कपड़ा व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह बढ़ गया है. कई परिवारों ने पहले से बुकिंग शुरू कर दी है, जिससे बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है.
मानसून के बीच भी जारी रहेगी शादियों की धूम
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जुलाई में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. इसके बावजूद शुभ मुहूर्तों के कारण विवाह समारोहों का सिलसिला जारी रहेगा. ग्रामीण इलाकों में बारिश के चलते कुछ चुनौतियां जरूर सामने आ सकती हैं, लेकिन शादी-विवाह की रौनक पूरे क्षेत्र में देखने को मिलेगी.