Monsoon Alert : बांका जिले में गुरुवार को मानसून सक्रिय रहने के बावजूद मौसम पूरी तरह मेहरबान नहीं दिखा. सुबह से आसमान में बादलों का डेरा रहा और दिनभर धूप-छांव का सिलसिला चलता रहा. हालांकि बीच-बीच में ठंडी हवा चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण उमस का असर पूरे दिन महसूस किया गया. जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
येलो अलर्ट जारी, गरज-चमक और तेज हवा का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बांका, भागलपुर समेत दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार जिले के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है.
2 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मानसून, भारी बारिश के भी संकेत
भारत मौसम विज्ञान विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार बांका जिले में 2 अगस्त तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा. इस अवधि में आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज सतही हवाओं की भी चेतावनी दी है. हवा की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है. इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. सुबह में आर्द्रता 70 से 80 प्रतिशत और दोपहर में 60 से 70 प्रतिशत तक रहने की संभावना है.
बारिश का इंतजार कर रहे किसान, सूखे जैसे बने हैं हालात
जिले में अब तक सामान्य और व्यापक बारिश नहीं होने से कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. धान की खेती करने वाले किसान अच्छी वर्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि रोपाई और फसलों की बढ़वार बेहतर हो सके. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि संभावित बारिश को देखते हुए खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें. साथ ही वज्रपात की स्थिति में खेतों या खुले स्थानों पर जाने से बचें और मौसम साफ होने के बाद ही कृषि कार्य करें. यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
