जयपुर (बांका) से लक्ष्मण कुमार मंटु की रिपोर्ट : बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र में प्रशासनिक उदासीनता के बीच ग्रामीणों ने मिसाल पेश की है. जमदाहा-जयपुर मुख्य सड़क मार्ग पर जयपुर पुल के समीप वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क की मरम्मत जब विभाग ने नहीं कराई, तो स्थानीय लोगों ने सामूहिक श्रमदान कर सड़क को खुद ठीक करना शुरू कर दिया. ग्रामीणों के इस प्रयास की इलाके में खूब चर्चा हो रही है.
सड़क बनी थी हादसों का कारण
जानकारी के अनुसार बांका जिला मुख्यालय से झारखंड बॉर्डर तक बनी इस सड़क पर जयपुर पुल के समीप लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे और टूट-फूट की समस्या बनी हुई थी. खराब सड़क के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा था. खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और खतरनाक हो जाती थी.बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई. अखबारों में भी लगातार खबरें प्रकाशित होती रहीं, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी
विभाग की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करने का निर्णय लिया. बुधवार रात ग्रामीण जुटे और पुल के एक हिस्से के पास जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू की. लोगों ने मिट्टी और अन्य सामग्री डालकर सड़क को फिलहाल चलने लायक बना दिया ताकि दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके.समाजसेवियों ने निभाई अहम भूमिका
इस श्रमदान अभियान में स्थानीय समाजसेवी सुजीत कुमार मिश्रा, संतोष कुमार साह, संजीव नंदी, फिलिप्स शर्मा, रवि शंकर शर्मा और सन्नी सोन समेत कई ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई. ग्रामीणों ने कहा कि यदि विभाग समय पर काम करता तो उन्हें खुद सड़क मरम्मत के लिए नहीं उतरना पड़ता.
