बौंसी. धोरैया प्रखंड के गौरा गांव में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ में देश के सुप्रसिद्ध संत गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के साथ-साथ कई साधु संतों का आगमन होगा. रविवार को मंदार भ्रमण करने और यहां की जानकारी लेने आये गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज के दो सदस्यीय टीम के संत शक्ति जी और रमेश जी के द्वारा यह जानकारी दी गयी. उनके साथ गुरुधाम के विद्वान पंडित ललमटिया गांव निवासी धीरज पांडे भी मौजूद थे. मंदार भ्रमण के दौरान उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन का यह पर्वत देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में एक है. इसके दर्शन मात्र से ही जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं. समुद्र मंथन से निकले अमृत की बूंद प्रयागराज में पड़ी थी. जहां महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आगामी 4 मार्च से 9 मार्च तक गौरा गांव में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के मौके पर स्वामी सदानंद जी महाराज, आचार्य लोकेश मुनि, कैलाशानंद गिरी जी महाराज के साथ-साथ आचार्य धीरेंद्र शास्त्री सहित अन्य साधु संतों का आगमन होगा. साथ ही यहां पर अंतिम दिन देश के कई बड़े संतों का एक मंच पर महाकुंभ लगेगा. सनातन धर्म को ऊंचाई तक ले जाने और इसकी बेहतर जानकारी देने के लिए सभी संत एक मंच पर दिखेंगे. टीम के सदस्यों ने मंदार तराई स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना की और रोपवे के जरिए मंदार पर्वत शिखर पर पहुंचकर वहां अवस्थित काशी विश्वनाथ, नरसिंह गुफा का भी दर्शन पूजन किया. पंडित धीरज के द्वारा उन्हें मंदार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. यहां के बाद कामधेनु मंदिर, मधुसुदन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना की. इस मौके पर जिप सदस्य मनोज बाबा, पंडित गुलशन पाण्डे सहित अन्य मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
