मराटीकर में बेकार पड़ा सामुदायिक शौचालय, ग्रामीणों में नाराजगी

देखरेख के अभाव और गलत स्थान पर निर्माण होने के कारण शौचालय शोभा की वस्तु बनी है. कई सार्वजनिक स्थानों व बस्तियों में शौचालय की जरूरत होने के बावजूद वहां इस सुविधा की व्यवस्था नहीं की गई.

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

जिले के पंजवारा पंचायत क्षेत्र के मराटीकर गांव में लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रहा है. देखरेख के अभाव और गलत स्थान पर निर्माण होने के कारण शौचालय शोभा की वस्तु बनी है.

ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय का निर्माण ऐसी जगह पर किया गया है, जहां इसकी आवश्यकता काफी कम है. गांव के कई सार्वजनिक स्थानों और बस्तियों में शौचालय की जरूरत होने के बावजूद वहां इस सुविधा की व्यवस्था नहीं की गई. इससे सरकारी योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है.

शौचालय की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं

स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण के बाद से शौचालय की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं किया गया. परिसर में गंदगी फैली हुई है.कई जगह टूट-फूट की स्थिति है, वहीं पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोग इसका उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं.ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के कारण लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से सामुदायिक शौचालय की स्थिति की जांच कराने, उसकी मरम्मत करवाने तथा गांव के जरूरतमंद क्षेत्रों में शौचालय निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते पहल नहीं की गई तो सरकारी धन का उपयोग व्यर्थ साबित होगा.

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Author: MANISH KUMAR

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