मंदार के पापहारिणी सरोवर में लेजर शो की सुस्त रफ्तार: जनवरी, मार्च के बाद जून की डेडलाइन भी फेल; ₹8 करोड़ की योजना अधूरी

ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से विश्वविख्यात बांका के मंदार पर्वत स्थित पापहारिणी सरोवर को आधुनिक पर्यटन केंद्र बनाने की कवायद विभागीय सुस्ती की भेंट चढ़ गई है. बिहार पर्यटन विभाग की ओर से लगभग 8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से शुरू होने वाला भव्य 'लेजर, लाइट एंड साउंड शो' बार-बार समय सीमा (डेडलाइन) बदलने के बाद भी आज तक शुरू नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय कारोबारियों और श्रद्धालुओं में गहरा असंतोष है.

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पहले जनवरी 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. जब काम पूरा नहीं हुआ, तो इसे बढ़ाकर क्रमशः मार्च और फिर जून किया गया, लेकिन जून बीत जाने के बावजूद काम अधूरा ही है. बार-बार बदलती इस डेडलाइन ने पर्यटन विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. हालांकि, अब बिजली कनेक्शन की औपचारिकता पूरी होते ही इसी महीने इसे चालू करने का नया दावा किया जा रहा है.

वॉटर स्क्रीन पर दिखेगी समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदार की ऐतिहासिकता से देश-दुनिया को रूबरू कराना है. योजना के तहत पापहारिणी सरोवर के बीचों-बीच अत्याधुनिक तकनीकें स्थापित की जानी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अत्याधुनिक तकनीक: रेनबो शूटर जेट, हाई जेट, डांसिंग फाउंटेन, डायमंड जेट, इनसाइड-आउटसाइड ड्रॉप और सनबर्स्ट इफेक्ट.
  • पौराणिक कथाओं का सजीव चित्रण: एक विशाल वॉटर स्क्रीन, लेजर लाइट और साउंड सिस्टम के तालमेल से मंदार पर्वत से जुड़ी 'समुद्र मंथन' की अमर गाथा और अन्य ऐतिहासिक प्रसंगों को हर शाम जीवंत रूप में पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा.

स्थानीय रोजगार और पर्यटन की उम्मीदों पर लगा ब्रेक

स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) ने भी इस परियोजना का निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए थे, लेकिन ठेकेदार और संबंधित एजेंसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

यदि यह लेजर शो समय पर शुरू हो जाता, तो मंदार आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होती. इससे न केवल पापहारिणी सरोवर की सूरत बदलती, बल्कि स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्टोरेंट, पूजा सामग्री की दुकानें, परिवहन और छोटे फुटपाथी दुकानदारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलता और रोजगार के नए अवसर पैदा होते.

अधिकारियों का दावा: बिजली कनेक्शन मिलते ही इसी माह शुरू होगा शो

लगातार टलती समय सीमा के बीच अब आम जनता केवल कागजी दावों पर भरोसा करने के मूड में नहीं है. लोग चाहते हैं कि धरातल पर काम पूरा हो और शो का विधिवत उद्घाटन किया जाए.

इस पूरे गतिरोध और वर्तमान स्थिति को लेकर जब लेजर लाइट एंड साउंड शो के आधिकारिक प्रतिनिधि से बात की गई, तो उन्होंने तकनीकी कारण साझा किए:

"परियोजना का तकनीकी और ढांचागत कार्य लगभग अंतिम चरण में है. वर्तमान में केवल विद्युत कनेक्शन (बिजली आपूर्ति) की प्रक्रिया लंबित है, जिसके लिए संबंधित विद्युत विभाग को आधिकारिक पत्राचार कर आवश्यक फाइलें भेजी जा चुकी हैं. जैसे ही विभाग से बिजली का परमानेंट कनेक्शन मिल जाता है, तुरंत टेस्टिंग कर इसी चालू माह में लेजर, लाइट एंड साउंड शो को आम जनता और पर्यटकों के लिए विधिवत आरंभ कर दिया जाएगा." — मोहित कुमार राय, अधिकारी (लेजर लाइट एंड साउंड शो)

अब देखना यह है कि पर्यटन विभाग इस बार अपने वादे पर खरा उतरता है या मंदार के विकास से जुड़ी यह आठ करोड़ की योजना पर्यटकों को और लंबा इंतजार कराती है.


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Author: Sanjeev Kumar

Published by: Divyanshu Prashant

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