बौंसी.
मंदार विद्यापीठ के संस्थापक आनंद शंकर माधवन का जन्मोत्सव बुधवार को कई कार्यक्रमों के साथ मनाया गया. मुख्य कार्यक्रम अद्वैत मिशन शिवधाम परिसर में किया गया. जहां बसमत्ता गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी परशुराम सिंह के पुत्र सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने परिसर में ध्वज फहराया. ध्वजारोहण के बाद छात्राओं ने दिवंगत आनंद शंकर माधवन के द्वारा रचित कविता जग जा मन जग जा प्राण… गाया. जानकारी हो कि इस वर्ष संस्था के संस्थापक की 111वीं जयंती मनायी गयी. ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद गोपाल सिंह और साहित्यकार व कवि अचल भारती ने कार्यक्रम को संबोधित कर दिवंगत संस्थापक को याद किया. इसके बाद कार्यालय परिसर समीप दीप प्रज्वलित कर चेयरमैन अरविंदाक्षण मडंबत समेत अन्य ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. अध्यक्ष ने बताया कि संस्था के संस्थापक आज भले हम सबों के बीच नहीं हों, लेकिन उनके विचार आज भी हम लोगों के बीच जीवित हैं. आज भी उनकी प्रेरणा से इस शिक्षण संस्थान को और भी बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है. बेहतर शिक्षा के लिए यह संस्थान अब देश भर में अपनी पहचान बना चुका है. मौके पर संस्था के विजय सर, अश्वनी कुमार झा, बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल अरविंद पांडे, साकिब तौफीक, डीएलईडी के प्रिंसिपल मिथिलेश सिंह, हाई स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद नायर, शोभा नायर, कैंपस इंचार्ज अरुण जी, मुरलीधर झा, नवीन जी, गोपाल प्रसाद सिंह, उज्जवल झा, आईटीआई के प्रिंसिपल निराला जी के साथ-साथ स्थानीय कई गण मान्य मौजूद थे.लगाया स्वास्थ्य शिविर
जन्मोत्सव कार्यक्रम के मौके पर शिव धाम परिसर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. जहां बौंसी बाजार के प्रसिद्ध चिकित्सक शिशु रोग विशेषज्ञ भगवान दास और दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रणय घोष ने सैकड़ों मरीजों की जांच की. शिवधाम परिसर के साथ-साथ आसपास के एक दर्जन से भी ज्यादा गांव से पहुंचे महिला, पुरुष, बच्चों समेत अन्य की जांच कर आवश्यक दवा भी दी गयी. डेंटल सर्जन ने विद्यालय के बच्चों के साथ-साथ स्थानीय बच्चों व अन्य के दातों की जांच कर उन्हें साफ सफाई के लिए जागरूक रहने के बारे में भी बताया. परिसर में नारायण भोज का भी आयोजन किया गया था. जहां प्रखंड क्षेत्र के अलावा झारखंड के समीपवर्ती इलाकों से आये करीब 1000 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया गया.अखंड राम धुन का किया आयोजन
जन्मोत्सव कार्यक्रम के मौके पर शिव धाम परिसर स्थित छतरी बाबा के समाधि स्थल के समीप अखंड राम धुन कीर्तन का आयोजन किया गया. बताया जाता है कि विद्यालय स्थापना से पहले बाबा यहां पर साधना किया करते थे. उन्हें स्थानीय कचनसा गांव निवासियों के द्वारा पूर्व में भी पूजा जाता था. आज भी इस परंपरा को संस्था के चेयरमैन के द्वारा जीवित रखा गया है. 24 घंटे के अखंड रामधुन कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
