जिले में विगत दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है. मानसून की गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी बांका में गरज-चमक के साथ कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है. करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दक्षिण व पुरवा हवा चल सकती है. हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस भी बनी रहेगी.
तापमान में गिरावट, उमस से लोग परेशान
गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सापेक्ष आर्द्रता 75 से 92 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. सुबह के समय आर्द्रता 85 से 92 प्रतिशत, दोपहर में 76 से 88 प्रतिशत और रात में 88 से 92 प्रतिशत के बीच रह सकती है. लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन अधिक नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है.
आंधी-बारिश को लेकर येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बांका जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. खराब मौसम के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग ने आमलोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली खंभों के पास नहीं रहने की सलाह दी है. लोगों से पक्के मकान या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गयी है. गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
3 से 7 सितंबर तक बारिश के आसार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 3 सितंबर से 7 सितंबर तक बांका, भागलपुर समेत दक्षिण बिहार के अन्य जिलों में घने बादल छाए रह सकते हैं. इस दौरान बांका में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हवा की गति 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
आंधी के समय 40 किमी तक पहुंच सकती है हवा
पूर्वानुमान के मुताबिक इस अवधि में 15 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चल सकती है. आंधी के समय हवा की गति बढ़कर 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है. सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर और रात में 86 से 92 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है.
किसानों को फसलों की निगरानी की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम को देखते हुए बांका के किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है. धान की फसल में कम वर्षा की स्थिति में खरपतवार की वृद्धि बढ़ सकती है. इसलिए समय पर निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है. खरीफ मक्का में तना बेधक के प्रकोप पर नजर रखने तथा प्रभावित पौधों में लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित दवा का प्रयोग करने की सलाह दी गयी है.
वहीं, अरहर की फसल में किसानों से आवश्यकतानुसार गैप फिलिंग, छंटाई और निराई-गुड़ाई करते रहने की अपील की गयी है. सितंबर में बोई जाने वाली अरहर के लिए खेत की तैयारी पूरी करने को भी कहा गया है.
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