एनीमिया मुक्त अभियान : कटोरिया के सीएचसी में एनीमिया से पीड़ित पांच गर्भवती महिलाओं को लगाया गया विशेष इंजेक्शन, अब तेजी से बढ़ेगा हीमोग्लोबिन
Anemia Free India : गर्भावस्था के दौरान खून की कमी मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. इसे देखते हुए कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को विशेष उपचार दिया जा रहा है, जिससे कुछ ही सप्ताह में हीमोग्लोबिन स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
कटोरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत एनीमिया से पीड़ित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज (एफसीएम) का नि:शुल्क इंजेक्शन लगाया जा रहा है. हाल ही में एनीमिया से पीड़ित पाई गई पांच गर्भवती महिलाओं को यह इंजेक्शन दिया गया. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह इंजेक्शन शरीर में आयरन की कमी को तेजी से दूर कर हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाने में मदद करता है.
प्रसव पूर्व जांच में सामने आई खून की कमी
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को आयोजित होने वाली प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच के दौरान पांच गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की पहचान हुई. जांच में पाया गया कि इन महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 7 से 8 ग्राम के आसपास था, जो सामान्य स्तर से काफी कम है. इसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिन्हित कर एफसीएम इंजेक्शन दिया गया.
गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिल रहा लाभ
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्भावस्था की पहली तिमाही के बाद तथा प्रसवोत्तर अवधि में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के उपचार में फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज काफी प्रभावी माना जाता है. यह उपचार गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्वस्थ रखने के साथ-साथ नवजात शिशु के बेहतर विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
जच्चा-बच्चा की सुरक्षा पर विशेष जोर
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी से समयपूर्व प्रसव, कमजोरी और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय पर उपचार मिलने से जच्चा और बच्चा दोनों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है. इसी उद्देश्य से एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत नियमित जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है.
तेजी से बढ़ता है हीमोग्लोबिन स्तर
विशेषज्ञों के अनुसार फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज इंजेक्शन शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा करता है. इससे एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के हीमोग्लोबिन स्तर में तेजी से सुधार होता है. चिकित्सकों के मुताबिक यह इंजेक्शन डेढ़ से दो माह के भीतर तीन से चार ग्राम तक हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है.
जागरूकता और समय पर जांच है जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने और चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की अपील की है. समय पर एनीमिया की पहचान और उपचार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है.