बाराहाट (बांका) से अजय कुमार झा की रिपोर्ट:
बाराहाट प्रखंड क्षेत्र में विशेषकर बाराहाट मुख्य बाजार और खड़हारा गांव के आसपास, कबाड़ कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. क्षेत्र में दो से तीन दर्जन बड़े कबाड़ कारोबारी वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. बाजार के बीचो बीच घनी आबादी के बीच फैले इन कबाड़ कारोबारी के यहां सैकड़ों बांग्ला भाषी प्रवासी मजदूर कबाड़ संग्रहण और खरीद-बिक्री के कार्य में लगे हुए हैं. ये मजदूर गांव-गांव और घर-घर जाकर पैदल अथवा दोपहिया वाहनों से कबाड़ खरीदते हैं और उसे स्थानीय कबाड़ कारोबारियों के यहां बेचते हैं. इससे उन्हें रोजगार और आय का साधन प्राप्त होता है.बांग्लाभाषी मजदूरों की संख्या अधिक :
बाराहाट बाजार स्थित एक पुराने और बड़े कबाड़ कारोबारी के बहुमंजिला भवन में बड़ी संख्या में बंगला भाषी प्रवासी मजदूर रह रहे हैं. लोगों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में प्रवासियों और कथित रूप से अबैध बंगलादेशी दस्तावेजों की जांच को लेकर बढ़ी सख्ती के बाद क्षेत्र में बंगला भाषी मजदूरों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है.स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने तथा क्षेत्र में रह रहे प्रवासी मजदूरों के पहचान पत्र और अन्य वैध दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने से लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर बनी आशंकाएं दूर होंगी.
बाराहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि कबाड़ कारोबार से जुड़े लोगों को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि वे किसी भी प्रवासी मजदूर को अपने यहां रखने से पहले उसके वैध दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें. कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.