गरीबी व कलह से परेशान होकर भी नहीं छोड़ा साथ, वृद्ध बीमार मां के लिए पुत्र बना श्रवण

बांका:बिहारमें बांका केपंजवारामें बीते दो-तीन दिनों से बाजार वासियों को एक दृश्य बार-बार अपनी ओर खींच रहा है. अपनी पीठ पर लादे वृद्ध मां को रोजाना एक बेटा उसके इलाज के लिए पंजवारा अस्पताल लाता है और फिर उसी तरह उसे घर भी पहुंचाता है. सबलपुर पंचायत के एक गांव के विजय कुमार सिंह पिछले […]

बांका:बिहारमें बांका केपंजवारामें बीते दो-तीन दिनों से बाजार वासियों को एक दृश्य बार-बार अपनी ओर खींच रहा है. अपनी पीठ पर लादे वृद्ध मां को रोजाना एक बेटा उसके इलाज के लिए पंजवारा अस्पताल लाता है और फिर उसी तरह उसे घर भी पहुंचाता है.

सबलपुर पंचायत के एक गांव के विजय कुमार सिंह पिछले कुछ वर्षों से परिवारिक कलह से तंग आकर अपनी वृद्ध मां के संग पंजवारा में आसरा लिये हुए हैं. अपनी गरीबी और लाचारी से तंग आकर वह पूरी तरह से टूट चुके हैं, लेकिन अपनी बूढ़ी मां की खातिर वह कुछ भी कर सकते हैं. वे हर वक्त मां की सेवा में लगे रहते हैं. शनिवार को भी वे अपनी पीठ पर लाद कर मां को इलाज के लिए अस्पताल ला रहे थे. लोग अब उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार के नाम से पुकारने लगे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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