Aurangabad News : तरार पंचायत के महादलित टोले में जल निकासी की समस्या अब ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट का रूप ले चुकी है. करीब चार वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे टोले के लोगों का आरोप है कि गंदे पानी के लगातार जमा रहने से चापाकल समेत अन्य पेयजल स्रोत दूषित हो गए हैं. इससे करीब 300 घरों के सामने पेयजल का संकट उत्पन्न हो गया है. समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अब प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है. ग्रामीण 19 अगस्त को दाउदनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे.
जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, टोले में पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों और आसपास के क्षेत्रों में गंदा पानी जमा रहता है. बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. लंबे समय तक जलजमाव रहने के कारण इसका असर आसपास के पेयजल स्रोतों पर भी पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों को मजबूरी में दूषित पेयजल स्रोतों का उपयोग करना पड़ रहा है. इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है.
कई वर्षों से की जा रही स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है. पिछले कई वर्षों से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से की जाती रही है. इस संबंध में कई बार लिखित आवेदन भी दिए गए और वरीय अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया. हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. उनका कहना है कि अधिकारियों से मिले आश्वासन के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
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अधिकारियों को दी गई धरना-प्रदर्शन की सूचना
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है. धरना-प्रदर्शन की सूचना दाउदनगर एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष को लिखित रूप से दी गई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थल का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की ठोस व्यवस्था कराई जाए. साथ ही पेयजल स्रोतों को दूषित होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.
ग्रामीण बोले, अब केवल आश्वासन नहीं चाहिए समाधान
ग्रामीण अमित कुमार यादव, अजीत कुमार, दयानंद शर्मा, आलोक कुमार, श्रीराम शर्मा, पूर्व मुखिया ललन सिंह, अरविंद सिंह, दिनानाथ पासवान, गोविंद भुइयां और हीरालाल पासवान समेत अन्य लोगों ने कहा कि चार वर्षों से समस्या झेल रहे ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं. ग्रामीणों ने कहा कि 19 अगस्त को होने वाले धरना-प्रदर्शन के बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
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