Aurangabad News : विद्यार्थियों की शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के लिए औरंगाबाद जिले में पहली बार 25 अगस्त को विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर जिले के चिन्हित 41 विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और विभिन्न छात्रावासों में शिविर लगाया जाएगा. शिविर में विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और सुझाव उचित स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा. प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों के अंदर निस्तारण किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने किया विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का लोकार्पण
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के निर्देश के आलोक में प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाना है. यह पहल सात निश्चय-3 के तहत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गयी है. गौरतलब है कि 17 अगस्त को मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का लोकार्पण किया गया है. विद्यार्थी अपनी शिकायतें और सुझाव इसी पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे. संबंधित शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों के वास्तविक यानी बोनाफाइड छात्र-छात्राएं ही पोर्टल पर निबंधन कर सकेंगे.
कक्षा से पेयजल और शौचालय तक की शिकायत दर्ज करा सकेंगे विद्यार्थी
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और शिविर के माध्यम से विद्यार्थी कई तरह की शैक्षणिक और संस्थागत समस्याएं दर्ज करा सकेंगे. इनमें समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होना, शिक्षक या प्राध्यापक का समय पर कक्षा में नहीं पहुंचना अथवा अनुपस्थित रहना, परीक्षा समय पर नहीं होना, परीक्षाफल के प्रकाशन में देरी और अनधिकृत फीस या शुल्क की वसूली जैसी शिकायतें शामिल हैं. इसके अलावा कक्षाओं में बिजली और बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई से संबंधित समस्याएं भी दर्ज करायी जा सकेंगी. कोचिंग से जुड़ी समस्याओं के साथ संस्थान में विधि-व्यवस्था से संबंधित शिकायतें भी पोर्टल के माध्यम से दर्ज होंगी. प्राप्त शिकायतों का अंतिम निस्तारण निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 30 दिनों के अंदर किया जाना है.
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असंतुष्ट विद्यार्थी मुख्यमंत्री स्तर पर रख सकेंगे शिकायत
यदि पोर्टल पर शिकायत के निस्तारण के बाद भी कोई विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होता है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी शिकायत की सुनवाई मुख्यमंत्री के स्तर पर आयोजित राज्य स्तरीय विद्यार्थी सहयोग शिविर में की जा सकेगी. यह शिविर प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को आयोजित किया जाएगा. इससे विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा.
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शैक्षणिक सुधार के सुझावों पर भी होगा विचार
शिविर और पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों से शैक्षणिक सुधार को लेकर प्राप्त सुझावों को संबंधित प्रशासी विभाग द्वारा समेकित किया जाएगा. ऐसे सुझाव जिन्हें उपलब्ध योजनाओं के तहत लागू किया जा सकता है, उन्हें विभागीय स्तर से निर्धारित अवधि में लागू किया जाएगा. वहीं, अन्य सुझावों पर उच्च स्तरीय शिक्षा समिति द्वारा विचार करने के बाद आवश्यक निर्णय लिया जाएगा.
दो नोडल पदाधिकारी और दो अधिकारी संभालेंगे तकनीकी व्यवस्था
विद्यार्थी सहयोग शिविर के लिए अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह और जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है. वहीं, प्रशिक्षण, तकनीकी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी ऋतिक आनंद तथा जिला आईटी प्रबंधक प्रदीप कुमार को प्राधिकृत किया गया है.
वरीय प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों की भी होगी प्रतिनियुक्ति
शिविर के सफल और सुचारू संचालन के लिए संबंधित संस्थानों में वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सहयोगी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जिला प्रशासन ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर का आयोजन सुव्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी तरीके से सुनिश्चित करें. साथ ही विद्यार्थियों की शिकायतों और समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है.
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