30 सिंतंबर तक चलेगा विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान

हर पात्र मतदाता को जोड़ने और अपात्र को हटाने की पहल, पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

हर पात्र मतदाता को जोड़ने और अपात्र को हटाने की पहल, पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

औरंगाबाद शहर. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 25 जून से 30 सितंबर तक विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू कर दिया गया है. इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम हटाया जा सके. आयोग के अनुसार, यह पुनरीक्षण संविधान के अनुच्छेद 326 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ किया जाएगा। प्रत्येक मतदान केंद्र क्षेत्र में कार्यरत बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और नाम जोड़ने, हटाने अथवा सुधार संबंधी फॉर्म वितरित करेंगे. बीएलओ द्वारा आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन निवास पर किया जायेगा और एकत्र फॉर्म को मोबाइल ऐप के माध्यम से संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (इआरओ) के पास भेजा जायेगा. इस बार पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि इआरओ द्वारा लिए गये निर्णयों से जुड़े दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड किये जाएं, जिन्हें केवल अधिकृत अधिकारी ही देख सकेंगे. पुनरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, निर्धन और अन्य वंचित वर्गों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जरूरत के अनुसार स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जायेगी. आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और प्रारंभिक स्तर पर ही त्रुटियों को सुधारा जा सके.

अपील की व्यवस्था भी की गय

प्रारूप मतदाता सूची केवल उन्हीं नामों के आधार पर प्रकाशित की जाएगी जिनके आवेदन और दस्तावेज समय पर सत्यापित हो चुके होंगे. यदि कोई व्यक्ति ईआरओ के निर्णय से असहमत है, तो वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत जिला पदाधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास अपील दायर कर सकता है.

2003 के बाद पहली बार हो रहा व्यापक पुनरीक्षण

गौरतलब है कि राज्य में पिछला गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था। तब से अब तक शहरीकरण, जनसंख्या में वृद्धि, प्रवासन और युवा मतदाताओं की संख्या में तेजी से बदलाव आया है. साथ ही कई अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में दर्ज पाये गये हैं. इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष गहन पुनरीक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है. आयोग का उद्देश्य है कि यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण, सुचारू और समावेशी हो, ताकि हर पात्र मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके.

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By Sudhir kumar singh

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