चैती छठ मेले में रहेगी सख्त सुरक्षा, 48 जगहों पर बनेगा ड्राप गेट

देव चैती छठ मेला 22 से 25 मार्च तक, तैयारी को लेकर डीएम ने की समीक्षा, आवासन, सुरक्षा और पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने दिये निर्देश

औरंगाबाद

शहर.

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में चैती छठ मेला की तैयारी एवं विधि व्यवस्था को लेकर योजना भवन के सभाकक्ष में सभी जिलास्तरीय एवं देव प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि देव प्रखंड स्थित पौराणिक सूर्य मंदिर के कारण आस्था का पर्व छठ बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाता है. इसकी ख्याति दूर-दूर तक है. यहां लाखों की संख्या में अन्य जिलों, दूरदराज क्षेत्रों तथा राज्य के बाहर से भी व्रती छठ व्रत करने आते हैं. उन्होंने कहा कि देव कार्तिक छठ मेला 22 से 25 मार्च तक आयोजित होगा. इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं व व्रतियों के आगमन को देखते हुए समुचित तैयारी व विधि व्यवस्था सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छठ मेले का उद्घाटन प्रभारी मंत्री एवं मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व व भूमि सुधार मंत्री से कराया जायेगा.

व्रतियों व श्रद्धालुओं के आवासन हेतु मेला क्षेत्र में पांच स्थलों को चिह्नित किया गया है. इनमें राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय के पश्चिमी भाग, थाना परिसर के समीप, संत विजय दास धर्मशाला बहुआरा मोड़, सूर्यकुंड तालाब के पूर्व तथा हाजी नगर के पूर्व मस्जिद रोड के पास शामिल हैं. इन स्थलों पर टेंट, पंडाल, लाइटिंग, जनरेटर व दरी की व्यवस्था बीआरबीसीएल नबीनगर, एनटीपीसी नबीनगर, श्री सीमेंट औरंगाबाद, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और अंचलाधिकारी औरंगाबाद के सहयोग से करायी जायेगी. मेला क्षेत्र के चिह्नित स्थलों पर बैरिकेडिंग व ड्रॉप गेट बनाये जायेंगे. कुल 48 स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाने का निर्णय लिया गया. जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बैरिकेडिंग व ड्रॉप गेट निर्माण की समीक्षा कर इसे शीघ्र पूरा करें. देव को जोड़ने वाले सभी मार्गों की मरम्मत तत्काल पूर्ण करने का निर्देश भी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को दिया गया.

पर्याप्त टैंकर की करें व्यवस्थालोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने तथा मेला अवधि में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. आवश्यकता पड़ने पर टैंकर की व्यवस्था भी की जायेगी. चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल सर्जन को मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित करने का निर्देश दिया गया. आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सात एंबुलेंस, स्ट्रेचर, जीवनरक्षक दवाइयां तथा महिला व पुरुष विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की प्रतिनियुक्ति की जायेगी.

मेला अवधि में वाहनों की अधिक आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन समिति का गठन किया गया है. अग्निशमन विभाग को मेला क्षेत्र में अग्निशामक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. छठ पर्व के दौरान सूर्यकुंड के समीप दो, थाना के पास दो तथा ब्लॉक परिसर के पास एक अग्निशमन वाहन 24 घंटे तैनात रहेंगे. इसके अलावा विभिन्न आवासन स्थलों पर भी अग्निशमन वाहनों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी.

सीसीटीवी कैमरे से रहेगी नजरमेला क्षेत्र के प्रमुख स्थानों, सूर्य मंदिर के गर्भगृह एवं अर्घ्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जायेगा, जहां एक दंडाधिकारी व एक पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति रहेगी. बैठक में उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, अपर समाहर्ता जिला लोक शिकायत निवारण जयप्रकाश नारायण, अपर समाहर्ता विशेष शाखा मो सादुल हसन खां, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता बेवी प्रिया, रितेश कुमार यादव सहित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी देव, अंचलाधिकारी देव, मंदिर न्यास समिति के सदस्य व जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Panchdev kumar

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