दाउदनगर में प्रमुख-उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, दोनों की बचीं कुर्सी

प्रखंड प्रमुख विपुल कुमार और उप प्रमुख सुशीला देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया

बैठक में मात्र 11 पंचायत समिति सदस्य ही पहुंचे, 10 रहे अनुपस्थित

विपक्ष ने कहा, मामले को लेकर न्यायालय जायेंगे

फोटो-50-बैठक के बाद बाहर निकले पंचायत समिति सदस्य

51-तैनात पुलिसकर्मी

प्रतिनिधि, दाउदनगर

प्रखंड प्रमुख विपुल कुमार और उप प्रमुख सुशीला देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया. इसके लिए विशेष बैठक प्रखंड कार्यालय सभागार में पंचायत समिति सदस्य विनोद कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में प्रेक्षक के रूप में एसडीओ अमित राजन उपस्थित थे. संचालन बीडीओ सह पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी मो जफर इमाम ने किया. बीडीओ ने बताया कि निर्धारित समय तक बैठक में दो तिहाई उपस्थिति नहीं हो सकी. मात्र 11 पंचायत समिति सदस्य ही उपस्थित हो सके, जबकि दो तिहाई यानी कम से कम 14 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक थी. विभागीय गाइडलाइन के अनुसार दो तिहाई उपस्थिति नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव असफल हो गया और खारिज कर दिया गया. दाउदनगर प्रखंड में पंचायत समिति सदस्यों की कुल संख्या 21 है.

बताया जाता है कि प्रमुख विपुल कुमार के खेमे के पंचायत समिति सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुए. इसके अलावा विपक्षी खेमे को उस समय झटका लगा, जब उनके खेमे की एक महिला पंचायत समिति सदस्य भी बैठक में शामिल नहीं हुईं. इस प्रकार कुल 10 पंचायत समिति सदस्य बैठक से अनुपस्थित रहे.

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई बैठक

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गयी. दाउदनगर थाने के पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रही. निर्धारित समय 12 बजे तक उपस्थित पंचायत समिति सदस्यों को आवश्यक जांच के बाद सभा कक्ष में प्रवेश दिया गया. उस समय तक पूर्व प्रखंड प्रमुख विनोद कुमार, पूर्व उप प्रमुख गायत्री देवी, पंचायत समिति सदस्य विनोद कुमार, शकील अख्तर, विनय राम, अशोक पासवान, लाल बाबू कुमार, छाया कुमारी, शोभा देवी, पूनम देवी व पूनम कुमारी पहुंचे हुए थे. बीडीओ ने बताया कि निर्धारित समय एक बजे तक अन्य पंचायत समिति सदस्यों के आने का इंतजार किया गया, लेकिन कोई अन्य सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुआ. दो तिहाई उपस्थिति नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव पर मत विभाजन नहीं कराया जा सका.

न्यायालय जाने की कही बात

अविश्वास प्रस्ताव लाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व प्रखंड प्रमुख विनोद कुमार ने कहा कि सभी पंचायत समिति सदस्यों को पत्र भेजा गया था. उन्हें बैठक में आना चाहिए था. उन्होंने कहा कि जब मत विभाजन की बात की गयी, तो बीडीओ ने दो तिहाई यानी कम से कम 14 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य बतायी. अधिकारियों ने कहा कि दो तिहाई सदस्य चाहिए, तब वोटिंग होगी. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे न्यायालय का सहारा लेंगे.

प्रमुख-उपप्रमुख की कुर्सी बची

15 फरवरी 2024 को विपुल कुमार प्रखंड प्रमुख और सुशीला देवी उप प्रमुख निर्वाचित हुए थे. 15 फरवरी 2026 को उनके कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हुए. इसके बाद 25 फरवरी को 12 पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का पत्र दिया. 28 फरवरी को विशेष बैठक के लिए नौ मार्च की तिथि तय की गयी थी. सोमवार को आयोजित बैठक के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में भी राजनीतिक सरगर्मी बनी रही. दोनों खेमों के समर्थक परिसर के आसपास मौजूद रहे और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चर्चा करते दिखे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रमुख, उप प्रमुख के साथ-साथ कुल 10 पंचायत समिति सदस्यों का उपस्थित नहीं होना एक रणनीति का हिस्सा हो सकता है. अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद अब यह तय हो गया है कि अगले पंचायत चुनाव तक विपुल कुमार और सुशीला देवी ही दाउदनगर के क्रमशः प्रखंड प्रमुख और उप प्रमुख बने रहेंगे.

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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