औरंगाबाद शहर. राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण करने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रथ रवाना किया गया है. यह जागरूकता रथ हर कस्बे तक प्रचार-प्रसार करेगा. शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ देने पर जोर दिया जा रहा है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार द्वारा प्राधिकार के प्रांगण से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए जिले के सुदरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करने के लिए बिहार ग्रामीण बैंक से संबंधित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल सहित कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित थे. प्रधान जिला जज ने बताया कि 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा न सिर्फ शहर एवं कस्बों के लोगों मिले, बल्कि जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे. इस उद्देश्य से यह जागरूकता रथ कारगार साबित होगा. प्रधान जिला जज ने कहा कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सभी शमनीय वादों का निस्तारण एवं बैंक से संबंधित वादों का निस्तारण निश्चित किया गया है. प्रधान जिला जज ने जिलेवासियों से अपील की है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने से संबंधित सुलहनीय वादों का निस्तारण कराएं. बैंक से जुड़े बकाया राशि का हरसंभव निदान किया जायेगा. बैंक के पदाधिकारियों द्वारा पूरा सहयोग किया जायेगा. यह रथ जिले के सभी प्रखंडों के साथ-साथ समस्त ग्रामीण क्षेत्रों तक जायेगा व लोगों को हर तरह के सुलहनीय वादों के साथ-साथ बैंक ऋण से संबंधित वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करने के लिए प्रेरित करेगा. लोक अदालत की तैयारी अंतिम चरण में जागरूकता रथ रवाना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां अंतिम चरण में है और अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी उपलब्ध हो, इसके लिए जागरूकता रथ के साथ-साथ सोसल मीडिया, समाचार-पत्र, तथा अन्य कई माध्यमों से लोगों से यह अपील की जा रही है कि वे अपने सुलहनीय वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में कराएं. इस दौरान बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद कुमार के साथ-साथ अन्य प्रबंधक उपस्थित रहे. सभी शाखा प्रबंधकों को यह निर्देश दिया गया है कि ऋण वाद से जुड़े मामलों का निस्तारण दिये गये दिशा–निर्देश के तहत करेंगे. अगर कोई समस्या हो या पक्षकार को काउंसेलिंग की आवश्यकता हो, तो वे तत्काल उन्हें प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क करने अथवा प्राधिकार तक लाने में सहयोग करें. ऋण वादों में पांच हजार से अधिक नोटिस बताया गया कि विभिन्न ऋण वादों में लगभग पांच हजार से ज्यादा नोटिस पक्षकारों को प्रेषित किया गया है. बैंक द्वारा विभिन्न प्रकार के ऋणों में विभिन्न तरह की छूट बैंक द्वारा प्रदान की जा रही है. जिन व्यक्तियों को अपने ऋण से संबंधित मामलों का निस्तारण छूट के तहत कराना है तो वे अपने शाखा प्रबंधक से संपर्क करें, चाहे उन्हें नोटिस प्राप्त हुआ हो अथवा नहीं हुआ है. प्राधिकार की सचिव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग जानकारी व जागरूकता के अभाव में इसका फायदा नहीं उठा पाते हैं. परंतु, प्रचार-प्रसार के लिए निकला जागरूकता रथ इन्हें संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायेगा.
14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, निबटाये जायेंगे सुलहनीय वाद
ग्रामीणों को लोक अदालत का अधिक लाभ देने पर जोर, जागरूकता रथ रवाना
