किशनगंज में ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से औरंगाबाद के बीएसएफ जवान की मौत

Aurangabad News : किशनगंज में ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से बीएसएफ जवान जयंत कुमार शहीद हो गए. पूरे गांव में शोक की लहर, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

Aurangabad News : जिले के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत राजपरसा गांव के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान जयंत कुमार (42) की किशनगंज में ड्यूटी के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. बुधवार को जैसे ही उनके निधन की सूचना गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव का माहौल गमगीन हो गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

परिजनों के अनुसार जयंत कुमार मंगलवार की रात किशनगंज सीमा क्षेत्र में नियमित ड्यूटी पर तैनात थे. इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज वज्रपात हुआ. वज्रपात की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए. साथी जवान उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई.

24 वर्षों तक निभाया देश सेवा का दायित्व

शहीद जवान के पिता अर्जुन सिंह ने बताया कि जयंत कुमार वर्ष 2002 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे. इसके बाद से उन्होंने करीब 24 वर्षों तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में उनकी तैनाती किशनगंज सीमा क्षेत्र में थी.

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जयंत कुमार अपने पीछे पत्नी, पुत्री मुस्कान कुमारी (20) और पुत्र अभिजीत कुमार (17) को छोड़ गए हैं. दोनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं. जवान के निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं.

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अंतिम दर्शन के इंतजार में गांव

जयंत कुमार के निधन की खबर फैलते ही राजपरसा सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई. पूर्व पंचायत समिति सदस्य राधेकृष्ण पांडेय उर्फ गुड्डू पांडेय, पैक्स अध्यक्ष कपिल पांडेय, पूर्व वार्ड सदस्य मोसाफिर सिंह, जगई निवासी अशोक पांडेय समेत ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया. लोगों ने कहा कि जयंत कुमार ने अपना पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित किया. उनका निधन केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है. ग्रामीण अब उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि दी जा सके.

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By Ambuj kumar

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