Aurangabad News : औरंगाबाद. अंबा के सतबहिनी में जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गयी हैं. श्रीकृष्ण कन्हैया सेवा समिति, सतबहिनी अंबा की बैठक आयोजित कर इस बार तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष शंभू चौधरी ने की. सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां भी तय कीं.
बैठक में अब तक की तैयारियों की समीक्षा की गयी. समिति के सदस्यों ने बताया कि पूर्व में लिये गये निर्णय के अनुसार जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं. भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है. बैठक में आयोजन से जुड़े बाकी कार्यों को तय समय के भीतर पूरा करने को लेकर चर्चा की गयी.
4 सितंबर को धूमधाम से मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
समिति के सदस्य राजीव पांडेय ने बताया कि चार सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. इसके लिए मां सतबहिनी मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाने की तैयारी है. मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से में भगवान श्रीकृष्ण की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी.
जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति की ओर से सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, बैठने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
5 सितंबर को होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन पांच सितंबर को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. बैठक में कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए दानिका संगीत महाविद्यालय के कलाकारों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया.
इसके अलावा बाहर से भी कई कलाकारों को बुलाया जाएगा. सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति गीतों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे. समिति की कोशिश है कि कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सांस्कृतिक अनुभव मिल सके.
6 सितंबर को भंडारे के बाद होगा प्रतिमा विसर्जन
महोत्सव के अंतिम दिन छह सितंबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा. समिति के सदस्यों के अनुसार, भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. इसके लिए आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्था करने पर भी बैठक में चर्चा की गयी.
भंडारे के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा. इसी के साथ तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का समापन होगा.
आयोजन की तैयारियों को लेकर सदस्यों ने संभाली जिम्मेदारी
बैठक में आयोजन स्थल की साफ-सफाई, मंदिर परिसर की सजावट, श्रद्धालुओं की सुविधा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. समिति के सदस्यों ने कहा कि महोत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी लोग मिलकर काम करेंगे.
बैठक में डब्लू सिंह, अमरेश कुमार पांडेय, विपुल पांडेय, मिथिलेश कुमार सिंह, नरेंद्र कुमार सिंह, सोनू सिंह, राजाराम मेहता, विकास सिंह, श्रवण कुमार, आयुष कुमार, हर्ष कुमार, गौरव कुमार, राहुल कुमार, अमित कुमार मालाकार, विकास कुमार गुप्ता, रोहित कुमार, अजय तिवारी, दिनेश मालाकार और वीरेंद्र मेहता समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे.
समिति के सदस्यों ने कहा कि जन्माष्टमी महोत्सव को इस बार भव्य रूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. आयोजन से जुड़े सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए समिति लगातार तैयारियों की समीक्षा करेगी, ताकि तीनों दिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके.
