औरंगाबाद सदर अस्पताल में रविवार को महिला डॉक्टर नहीं, इलाज के लिए भटक रहीं मरीज

औरंगाबाद सदर अस्पताल में रविवार को महिला डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण महिला मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार निजी स्वास्थ्य समस्याएं बताने में असहजता महसूस होती है.

औरंगाबाद के मॉडल सदर अस्पताल में रविवार को महिला चिकित्सकों की ड्यूटी नहीं रहने से महिला मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक ओर बिहार सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रविवार को अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं को महिला डॉक्टर नहीं मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है. इमरजेंसी विभाग खुला रहने के बावजूद महिला मरीजों के लिए महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहती हैं.

महिला मरीजों को करना पड़ता है ऑन कॉल डॉक्टर का इंतजार

सदर अस्पताल में ओपीडी के लिए छह महिला चिकित्सकों की नियुक्ति है, लेकिन रविवार को इमरजेंसी में एक भी महिला डॉक्टर की ड्यूटी नहीं रहती. कई मामलों में पुरुष चिकित्सक मरीजों को ऑन कॉल महिला डॉक्टर का इंतजार करने की सलाह देते हैं. इससे गंभीर और निजी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ता है.

निजी स्वास्थ्य समस्याओं में बढ़ती है असहजता

रविवार को जम्होर थाना क्षेत्र की एक महिला निजी स्वास्थ्य समस्या लेकर सदर अस्पताल पहुंची. परिजनों के अनुसार महिला डॉक्टर और महिला ड्रेसर नहीं मिलने के कारण केवल स्टाफ नर्स ने प्राथमिक जांच कर दवा देकर घर भेज दिया. परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि मरीज की हालत गंभीर होती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता.

चिकित्सकों ने भी उठाई नियमित महिला ड्यूटी की मांग

अस्पताल के कुछ चिकित्सकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बीमारी किसी दिन देखकर नहीं आती. कई महिला मरीज पुरुष डॉक्टरों के सामने अपनी समस्या बताने में सहज महसूस नहीं करतीं. ऐसे में रविवार को भी कम से कम एक महिला चिकित्सक की इमरजेंसी ड्यूटी आवश्यक होनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में समय पर उपचार मिल सके.

प्रसव विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल

अस्पताल आने वाली कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रसव विभाग भी कई बार नर्सों के भरोसे चलता है. उनका कहना है कि कई मामलों में महिला चिकित्सक समय पर उपलब्ध नहीं रहतीं और प्रसव की जिम्मेदारी नर्सों को निभानी पड़ती है. महिलाओं ने अस्पताल में नियमित महिला चिकित्सकों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की मांग की.

रविवार को ऑपरेशन सेवा भी रहती है प्रभावित

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रविवार को एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की ड्यूटी नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं किए जाते. जरूरत पड़ने पर महिला डॉक्टर को ऑन कॉल बुलाया जाता है. हालांकि मरीजों का कहना है कि मॉडल अस्पताल में केवल ऑन कॉल व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और इमरजेंसी सेवाओं को नियमित रूप से मजबूत किया जाना चाहिए.

क्या बोले अस्पताल प्रबंधक

सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने बताया कि रविवार को इमरजेंसी वार्ड में महिला चिकित्सक की नियमित ड्यूटी नहीं रहती. आवश्यकता होने पर ऑन कॉल महिला डॉक्टर को बुलाया जाता है. उन्होंने कहा कि महिला नर्सों की मदद से मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है और अस्पताल प्रबंधन मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है.


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By Manish raj singham

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