Aurangabad News : टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई. बैठक में टीबी स्क्रीनिंग, एक्स-रे, एनएएटी जांच, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट, फूड बास्केट वितरण और निक्षय पोषण योजना के तहत डीबीटी भुगतान की समीक्षा की गई. मुख्य सचिव ने सभी जिलों को अभियान के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने एक्स-रे जांच के सामान्य और असामान्य दोनों परिणामों की निक्षय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टीबी मुक्त भारत समिति गठित करने, टीबी मुक्त भारत कोष का खाता खोलने तथा एक्स-रे तकनीशियनों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
लक्ष्य से तीन गुना से अधिक हुई स्क्रीनिंग
औरंगाबाद जिले में टीबी स्क्रीनिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है. 8 अगस्त तक निर्धारित 1,48,838 की लक्ष्य आबादी के विरुद्ध 4,89,044 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. यह निर्धारित लक्ष्य का 329 प्रतिशत है. वहीं, 2 जुलाई से 8 अगस्त की अवधि के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले जिले ने 380 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. संवेदनशील आबादी के 2,50,021 लोगों का एक्स-रे जांच के लिए नामांकन किया गया, जिनमें से 16,580 लोगों की जांच हुई. इनमें 180 मामलों में एक्स-रे असामान्य पाया गया. जिले में स्थापित सभी 11 फिक्स्ड एक्स-रे मशीनें क्रियाशील हैं.
एनएएटी जांच और उपचार में भी बेहतर प्रदर्शन
2 जुलाई से 8 अगस्त के बीच जिले में 1,873 लोगों की एनएएटी जांच की गई. डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत अधिसूचित 374 मरीजों में से 372 का आकलन किया गया, जो 99 प्रतिशत उपलब्धि है. वहीं, 1,029 पात्र घरेलू संपर्कों में से 440 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट शुरू किया गया है.
306 फूड बास्केट का हुआ वितरण
टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने के लिए जिले में 306 फूड बास्केट वितरित किए गए. वहीं, निक्षय पोषण योजना के तहत जनवरी 2025 से अब तक पात्र 3,580 लाभुकों में से 2,825 को डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है. यह कुल पात्र लाभुकों का 79 प्रतिशत है.
निक्षय पोर्टल पर शत-प्रतिशत आंकड़ा दर्ज कराने का निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित पदाधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने, निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और निक्षय पोर्टल पर आंकड़ों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने अभियान के तहत चल रहे सभी कार्यों की नियमित निगरानी और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारी
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर गौरव सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश सहित अन्य पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे.
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