बिहार सरकार द्वारा वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के कर्मियों के लिए वेतनमान की घोषणा किए जाने के बाद औरंगाबाद जिले के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों में भारी हर्ष का माहौल देखने को मिल रहा है.
इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर शनिवार को अंबा के महिला कॉलेज मुड़िला-अंबा, जनता इंटर कॉलेज लभरी परसावां तथा सूर्य नारायण भगवान भास्कर कॉलेज देव में बारी-बारी से महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया.
इन बैठकों में मुख्य रूप से आगामी 20 सितंबर को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित होने वाले अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सामूहिक रूप से सम्मानित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
उपस्थित कर्मियों ने सरकार द्वारा की गई वेतनमान की इस घोषणा को वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होने वाली पहल बताया.
नेताओं के प्रयासों की सराहना और पटना चलने की अपील
बैठक के दौरान वक्ताओं ने 'अनुदान नहीं, वेतनमान फोरम' के स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रौशन कुमार सिंह, विधान पार्षद डॉ. नवल किशोर यादव और मगध प्रक्षेत्र के संयोजक प्रोफेसर विजय चौबे समेत फोरम के अन्य सभी प्रमुख नेताओं द्वारा किए गए अथक प्रयासों की जमकर सराहना की.
महिला कॉलेज मुड़िला-अंबा के प्राचार्य दिनेश कुमार सिंह और 'अनुदान नहीं वेतनमान संघर्ष समिति' के जिला संयोजक श्याम प्रकाश पाठक ने संयुक्त रूप से कहा कि लंबे समय से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के कर्मी अपने हक और वेतनमान की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत थे. सरकार द्वारा वेतनमान की घोषणा किए जाने से तमाम कर्मियों और उनके परिवारों में नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है.
आयोजकों ने जिले के सभी वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से अपील की है कि वे बड़ी से बड़ी संख्या में रविवार को पटना पहुंचें. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में औरंगाबाद जिले से भारी संख्या में कर्मी शामिल होकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन करेंगे और उनका आभार व्यक्त करेंगे.
पटना में होने वाले सम्मान समारोह को लेकर तैयारियां तेज
विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजित इन बैठकों में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वित्त रहित संस्थानों के कर्मियों की समस्याओं और उनकी बदहाली को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी. अब वेतनमान मिलने की घोषणा से वर्षों से चली आ रही उनकी पीड़ा का समाधान होता दिख रहा है.
पटना में होने वाले इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के कर्मियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है. बैठक में उपस्थित सभी कर्मियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पटना पहुंचकर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएंगे.
इन बैठकों के दौरान प्रो. ब्रजनंदन पाठक, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. उमेश कुमार राय, प्रो. सबीता सिंह, प्रो. दिलीप कुमार, प्रो. संजय कुमार सिंह, प्रो. वृंदा कुमारी, प्रो. विश्वनाथ सिंह, प्रो. रामधार सिंह, शिवनाथ पांडेय, आलोक सिंह, किरण कुमारी, प्रभा कुमारी, मुकेश पांडेय, रवींद्र पांडेय, अभय यादव, वीरेंद्र यादव, विनोद पांडेय और दीनदयाल सिंह सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद रहे.