Aurangabad News: (सुजीत कुमार सिंह) औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार की सुबह हुए दर्दनाक हादसे में एक शिक्षक की मौत हो गई. विद्यालय परिसर में वज्रपात की चपेट में आने से 43 वर्षीय शिक्षक सुनील कुमार सिंह की जान चली गई. घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई तथा पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
मिली जानकारी के अनुसार सुनील कुमार सिंह रफीगंज प्रखंड के पांडे करमा गांव के निवासी थे और भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. शुक्रवार की सुबह वे प्रतिदिन की तरह अपने रफीगंज स्थित घर से बाइक से विद्यालय पहुंचे थे. बताया जाता है कि विद्यालय परिसर में बाइक खड़ी करने के बाद वे कार्यालय की ओर जा रहे थे. इसी दौरान तेज बारिश के बीच अचानक वज्रपात हुआ और वे उसकी चपेट में आ गए.
वज्रपात होते ही सुनील कुमार सिंह जमीन पर गिर पड़े. घटना को देखकर विद्यालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और विद्यालय कर्मियों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. बताया गया कि सुनील कुमार सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे. उनकी पत्नी ब्यूटी कुमारी औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं. वहीं उनकी नौ वर्षीय बेटी आदित्य राज के सिर से पिता का साया उठ गया.
मिलनसार स्वभाव के थे शिक्षक
इस दर्दनाक घटना के बाद विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और ग्रामीणों में गहरा शोक व्याप्त है. लोगों ने बताया कि सुनील कुमार सिंह व्यवहार कुशल और मिलनसार शिक्षक थे. अचानक हुई उनकी मौत से हर कोई स्तब्ध है.
मौत के बाद शिक्षकों में आक्रोश
शिक्षक सुनील कुमार सिंह की वज्रपात से हुई मौत के बाद शिक्षकों में आक्रोश देखा जा रहा है. घटना की सूचना मिलने के बाद विद्यालय पहुंचीं शिक्षिका शुभकामना शर्मा ने विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के अत्यधिक दबाव के कारण शिक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर भी समय पर विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं. विद्यालय देर से पहुंचने पर शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना, शोषण एवं कार्रवाई का भय दिखाया जाता है. इसी दबाव में शिक्षक खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान के बावजूद विद्यालय जाने के लिए निकलते हैं.
शुभकामना शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को मौसम की स्थिति काफी खराब थी. तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की आशंका के बावजूद शिक्षक विद्यालय पहुंचने के लिए मजबूर थे. यदि मौसम की गंभीरता को देखते हुए शिक्षकों को राहत दी जाती या उपस्थिति को लेकर लचीलापन बरता जाता, तो संभवतः यह दर्दनाक हादसा टल सकता था.
उन्होंने विभाग से मांग की कि शिक्षकों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए तथा खराब मौसम और आपदा जैसी परिस्थितियों में उपस्थिति को लेकर सख्ती के बजाय व्यावहारिक निर्णय लिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.
Also Read: दाउदनगर की आजीविका दीदियों का नगर पर्षद के खिलाफ मोर्चा; मानदेय नहीं, काम बंद, अब आंदोलन की राह
