बिहार के इस जिले के 8443 राशन कार्ड होंगे डिलीट, अधिकारी बोले- होगी कार्रवाई

Ration Card: बिहार में अपात्र राशन कार्डधारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. सरकारी आंकड़ों के आधार पर औरंगाबाद जिले के एक ब्लॉक में 8443 ग्रामीण राशन कार्डधारियों को अपात्र माना गया है.

Ration Card: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत गोह प्रखंड में अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान का काम तेज कर दिया गया है. यह कार्रवाई बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देश पर की जा रही है. सरकार द्वारा जारी किये गए इंटर मिनिस्ट्री डेटा के आधार पर गोह प्रखंड के 8443 ग्रामीण राशन कार्डधारियों को अपात्र की केटेगरी में चिह्नित किया गया है.

अनुमंडल पदाधिकारी ने क्या कारण बताया

इस संबंध में दाउदनगर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अमित राजन ने बताया कि जिन लोगों को अपात्र माना गया है, उनके पीछे कई कारण हैं. इनमें वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होना, प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 2.5 एकड़ से ज्यादा जमीन होना, किसी निजी कंपनी में डायरेक्टर होना और लाइट मोटर व्हीकल (फोर व्हीलर) का मालिक होना शामिल है.

एसडीओ ने बताया कि अपात्र राशन कार्डधारियों की पूरी सूची जारी कर दी गई है. यह सूची गोह प्रखंड कार्यालय, सभी पंचायत भवनों, अनुमंडल कार्यालय दाउदनगर और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों के पर लगाई जा रही है. इन जगहों पर जाकर कोई भी व्यक्ति सूची देख सकता है.

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गलत तरीके से अपात्र घोषित होने की स्थिति में क्या करें

अगर सूची में शामिल किसी राशन कार्डधारी को लगता है कि उन्हें गलत तरीके से अपात्र बताया गया है, तो वे अनुमंडल कार्यालय दाउदनगर में जाकर दावा-आपत्ति आवेदन दे सकते हैं. 30 दिसंबर के बाद अगर कोई आपत्ति नहीं मिलती है तो सूची को अंतिम मानते हुए संबंधित राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे.

एसडीओ ने सभी पीडीएस दुकानदारों को निर्देश दिया है कि वे अपनी दुकानों पर अपात्र राशन कार्डधारियों की सूची जरूर लगाएं. साथ ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी इस पूरे काम की निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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