Aurangabad News : औरंगाबाद में कला एवं संस्कृति के क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में शनिवार को महत्वपूर्ण पहल की गई. कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित महाराणा प्रताप चौक के समीप स्थित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने किया. इस केंद्र में बच्चों एवं युवाओं को भारतीय शास्त्रीय कला की विभिन्न विधाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा.
शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन का मिलेगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण केंद्र में शास्त्रीय गायन, कथक, भरतनाट्यम, हारमोनियम वादन, तबला वादन तथा नाल वादन का नियमित प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा. केंद्र की स्थापना का उद्देश्य भारतीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी में सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है. कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद द्वारा जिलाधिकारी का पौधा भेंटकर स्वागत करने से हुई. इसके बाद जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया.
प्रशिक्षकों का सम्मान, विद्यार्थियों ने दी आकर्षक प्रस्तुति
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े विभिन्न शास्त्रीय कला प्रशिक्षकों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया. साथ ही केंद्र में नामांकित 20 विद्यार्थियों को नामांकन पर्ची वितरित की. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों की खूब सराहना बटोरी.
कला व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम : डीएम
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ औरंगाबाद के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है. यह केवल एक प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा कला के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पहचान का अभिन्न अंग है. संगीत और नृत्य व्यक्ति के व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा अनुशासन, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास और सृजनात्मक सोच को विकसित करते हैं. ऐसे संस्थान युवाओं को अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराते हैं.
प्रतिभाशाली बच्चों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
डीएम ने कहा कि शास्त्रीय गायन, कथक, भरतनाट्यम सहित विभिन्न भारतीय शास्त्रीय कलाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना सराहनीय पहल है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा तथा कला के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित होंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षित विद्यार्थी भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए औरंगाबाद तथा बिहार का नाम रोशन करेंगे. साथ ही अभिभावकों से अपने बच्चों को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की.
कई अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
जिलाधिकारी ने कला एवं संस्कृति विभाग, प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षकों तथा इससे जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र आने वाले समय में औरंगाबाद को सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. कार्यक्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उप समाहर्ता बेबी प्रिया, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
