Bhojpuri News : डायट पिरौटा में खेल समेकित शिक्षा पर कार्यशाला का समापन

डायट पिरौटा में खेल समेकित शिक्षा विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया.

By SHAH ABID HUSSAIN | December 20, 2025 10:31 PM

आरा. डायट पिरौटा में खेल समेकित शिक्षा विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. शनिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसे डायट के प्राचार्य एवं अतिथि व्याख्याता संयुक्त रूप से संपन्न कराया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में खेल आधारित, गतिविधि एवं बाल केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना था. कार्यशाला में डायट पिरौटा के डीएलएड द्वितीय वर्ष सत्र 2024-26 के प्रशिक्षु शामिल हुए. पहले दिन प्रशिक्षुओं को खेल सामग्री के माध्यम से शिक्षण को रोचक एवं प्रभावी बनाने की जानकारी दी गयी. अनिल कुमार और डॉ तनवीर खान ने अपने विद्यालयों में अपनाए जा रहे खेल समेकित शिक्षण के प्रयोग, गतिविधियों और अनुभव साझा किये. इसके बाद अनिल कुमार एवं डॉ मोहम्मद सैयद अयूब ने खेल आधारित शिक्षा शास्त्र पर विस्तार से चर्चा की, जिसमें खेल आधारित शिक्षा शास्त्र की परिभाषा, महत्व और आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया. प्राथमिक कक्षाओं के लिए गणित एवं हिन्दी की खेल आधारित गतिविधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें सभी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की. कार्यशाला के दूसरे दिन रेणु कुमारी एवं डब्ल्यू. कुमार ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा और खेल-कूद के महत्व एवं आवश्यकता पर विशेषज्ञ जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एनसीएफ 2023 में शारीरिक शिक्षा और खेल-कूद को विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया है. समापन अवसर पर संस्थान की प्राचार्य डॉ सरिता शर्मा ने कहा कि खेल से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास होता है और यह अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व जैसे जीवन कौशल विकसित करता है. समन्वयक राधा कुमारी ने कहा कि खेल शिक्षा से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी व आनंददायक बनती है. सभी आमंत्रित विशेषज्ञों को उनके योगदान के लिए अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया. डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि कार्यशाला शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के प्राचार्य डॉ सरिता शर्मा, वरिष्ठ व्याख्याता डॉ विरेन्द्र कुमार सिंह, व्याख्याता राधा कुमारी, व्याख्याता श्रीमती ज्योति किरण, सुनील कुमार, सुनील कुमार शर्मा, स्मिता कुमारी, डॉ निधि प्रिया, एडमिन कंसल्टेंट दिव्या कुमारी और विकास नैन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.

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