भारतीय मनोविज्ञान आत्मज्ञान व समग्र व्यक्तित्व विकास का विज्ञान : प्रो यशवंत कुमार

एम.एम. महिला महाविद्यालय में प्रथम भारतीय मनोविज्ञान दिवस मनाया गया। प्रो. यशवंत कुमार ने भारतीय मनोविज्ञान को आत्मज्ञान और समग्र विकास का विज्ञान बताया।

आरा के एमएम महिला महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा प्रथम भारतीय मनोविज्ञान दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया.कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो यशवंत कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नरेंद्र प्रताप पालित तथा मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ विजयश्री के साथ सभी शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

बतायी गयी भारतीय मनोविज्ञान दिवस महत्ता

प्राचार्य प्रो. नरेंद्र प्रताप पालित ने अपने स्वागत उद्बोधन में भारतीय मनोविज्ञान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित मनोवैज्ञानिक चिंतन आज भी समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक है. मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विजयश्री ने भारतीय मनोविज्ञान दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस वर्ष पहली बार पूरे भारत में भारतीय मनोविज्ञान दिवस मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नेशनल एकेडमी ऑफ साइकोलॉजी (NAOP) तथा निमहांस, बेंगलुरु (NIMHANS) के संयुक्त प्रयासों से इस पहल की शुरुआत हुई है.इसका उद्देश्य भारतीय मनोवैज्ञानिकों के योगदान को उचित पहचान दिलाना, भारतीय मनोविज्ञान को मुख्यधारा में स्थापित करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुँचाना है.

छात्र-छात्राओं ने भी रखे अपने-अपने विचार

मुख्य वक्ता प्रो. यशवंत कुमार, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा ने भारतीय मनोविज्ञान पर विस्तार से व्याख्यान देते हुए कहा कि भारतीय मनोविज्ञान आत्मज्ञान, चित्त की शुद्धि तथा बाह्य से आंतरिक चेतना की यात्रा का विज्ञान है। उन्होंने भगवद्गीता, योग, ध्यान, प्राणायाम, आयुर्वेद, चक्रों की अवधारणा, सूर्य नमस्कार, बौद्ध दर्शन, परामर्श मनोविज्ञान, नाद योग तथा समग्र (Holistic) दृष्टिकोण के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास के विविध आयामों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि भारतीय मनोविज्ञान व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास को समान रूप से महत्व देता है. इस अवसर पर छात्राओं खुशी कुमारी, मनीषा कुमारी, विक्की कुमारी एवं निधि श्रीवास्तव ने भारतीय मनोविज्ञान विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए.उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए.

राट्रगान के साथ हुआ संगोष्ठी का समापन

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. सादिया हबीब ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वीनू ने प्रस्तुत किया. उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्य, मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष तथा सभी शिक्षकगण डॉ रश्मि गुप्ता, डॉ सुधा, डॉ अर्पणा, डॉ कंचन, महाविद्यालय के बाकी सभी शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, छात्र स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे. अंत में समूह छायाचित्र के उपरांत राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.


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By Ashutosh pandey

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