Bihiya ROB Heavy Vehicle Ban : बिहिया-बिहटा स्टेट हाइवे 102 पर बिहिया नगर स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहने और वैकल्पिक ग्रामीण सड़कों के बदहाल होने से नाराज लोगों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा. बिहिया चौरास्ता स्थित झंझरिया पुल के पास रविवार को आक्रोशित स्थानीय वाहन व्यवसायियों और ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे को जाम कर दिया.
दोपहर में शुरू हुए इस जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. घंटों तक छोटे-बड़े वाहनों के पहिए थमे रहे, जिससे यात्रियों व एम्बुलेंस पर सवार मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
आरओबी मरम्मत में देरी और ग्रामीण सड़कों की बदहाली
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना राय ने बताया कि बिहिया आरओबी के सुपर स्ट्रक्चर में दरार आने की बात कहकर 26 अगस्त 2025 से इस पर ट्रक, ट्रेलर और कंटेनर जैसे भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई थी.
दोनों तरफ हाइट बैरियर लगा दिया गया. तब से सारे भारी वाहन बिहिया-कटेया, मेला रोड-फिनंगी, साहेब टोला-डाकबंगला और जमुआ-पावर ग्रिड जैसी ग्रामीण सड़कों से गुजरने लगे. लगातार ओवरलोड वाहनों के दबाव से ग्रामीण कार्य विभाग की ये सभी सड़कें अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं.
लगातार भारी वाहनों के गुजरने और उड़ती धूल से ग्रामीण परेशान हैं. जाम कर रहे लोगों का आरोप है कि बिना कोई वैकल्पिक मार्ग दिये अब प्रशासन इन जर्जर सड़कों पर भी बैरियर लगाने जा रहा है जिससे भारी और बड़े वाहनों का आवागमन पूर्णतः ठप हो गया है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि या तो अतिशीघ्र सभी क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत कराई जाए, या जब तक मरम्मत नहीं होती, तब तक आरओबी पर कम से कम खाली भारी वाहनों को चलने की अनुमति दी जाए.
प्रशासनिक पक्ष और अधिकारियों की वार्ता
इस संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के एसडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि भारी वाहनों से सड़क खराब होने और ग्रामीणों की शिकायत पर ही बैरियर लगाने का निर्देश मिला है.
उधर, मौके पर पहुंचे बिहिया थानाध्यक्ष सुन्देश्वर कुमार दास ने प्रदर्शनकारियों की बात मोबाइल पर प्रभारी एसडीएम सह डीसीएलआर अमरेंद्र कुमार से कराई.
एसडीएम द्वारा रेलवे के अधिकारियों से वार्ता कर जल्द समाधान का आश्वासन मिलने के बाद लगभग तीन घंटे बाद जाम हटाया गया तब जाकर यातायात सामान्य हो सका. स्टेट हाइवे जाम रहने के कारण घंटों अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.
