बिहार सरकार के प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 का वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू) के शिक्षकों ने कड़ा विरोध किया है. शिक्षकों ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताते हुए सरकार से प्रस्तावित अधिनियम वापस लेने या व्यापक विमर्श के बाद पुनर्विचार करने की मांग की है.
शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान कानून में आवश्यक संशोधन संवाद के माध्यम से किए जा सकते हैं, लेकिन नया अधिनियम विश्वविद्यालयों को नौकरशाही के नियंत्रण में लाने का प्रयास प्रतीत होता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा की मूलभूत समस्याओं-शिक्षकों के रिक्त पद, संसाधनों की कमी और शोध सुविधाओं के अभाव-के समाधान के बजाय प्रशासनिक ढांचे में बदलाव पर जोर दे रही है.
मांगें पूरी नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा विरोध
इस दौरान डॉ. अमित कुमार, डॉ. आमिर महमूद, डॉ. रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अधिनियम पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो विश्वविद्यालय समुदाय लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा.
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