आरा के बड़हरा में बाढ़ राहत कार्य पर मुखिया संघ ने उठाये सवाल, डीएम को सौंपा ज्ञापन

बड़हरा के मुखिया संघ ने बाढ़ राहत वितरण में अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा है. संघ ने पात्रों को सरकारी सहायता न मिलने और कुछ मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

Bihar Flood Relief: बाढ़ राहत कार्य में कथित अनियमितता और प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर शनिवार को बड़हरा मुखिया संघ के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा. संघ ने राहत कार्य में पारदर्शिता बरतने और पात्र लाभुकों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की.

ज्ञापन सौंपने से पहले संघ के प्रतिनिधियों ने अंचल कार्यालय पहुंचकर अंचलाधिकारी अंशु प्रसून से मुलाकात की और क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया.

अंचलाधिकारी को हटाने की मुखिया संघ ने की मांग

मुखिया संघ ने वर्तमान अंचलाधिकारी को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को अंचल का प्रभार देने की मांग की है. संघ का आरोप है कि अंचल कार्यालय में आम लोगों को काम कराने के लिए कथित तौर पर बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता है. साथ ही, कुछ मामलों में काम कराने के नाम पर पैसे की मांग किये जाने का भी आरोप लगाया गया है.

संघ ने इन आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग जिलाधिकारी से की है.

जीआर सूची में पात्रों के नाम नहीं जुड़ने का आरोप

ज्ञापन में संघ ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की जीआर सूची को लेकर भी सवाल उठाया. प्रतिनिधियों का कहना है कि कई पात्र प्रभावित परिवारों के नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो सके हैं. नाम जोड़ने की प्रक्रिया में लोगों से बार-बार कागजात और हस्ताक्षर लिये जाने की शिकायत भी संघ ने की.

संघ ने पात्र लाभुकों के नाम सूची में शामिल करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की, ताकि राहत से वंचित परिवारों का सत्यापन और सूची तैयार करने का काम जल्द पूरा हो सके.

दस पंचायतों में पॉलीथिन शीट नहीं मिलने की शिकायत

मुखिया संघ ने करीब दस पंचायतों में बाढ़ प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट नहीं मिलने की शिकायत भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी. संघ ने प्रभावित परिवारों की जरूरत को देखते हुए पर्याप्त संख्या में पॉलीथिन शीट और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की.

प्रतिनिधियों ने कहा कि बाढ़ के बाद भी कई इलाकों में लोगों को राहत और सरकारी सहायता के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है. संघ ने पूरे राहत कार्य में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने की मांग की.

अंचलाधिकारी का विस्तृत पक्ष नहीं मिल सका

अंचलाधिकारी अंशु प्रसून से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया. उन्होंने बताया कि वह मीटिंग में हैं. इस कारण उनका विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका.

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लेखक के बारे में

By संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह 20 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. प्रिंट, डिजिटल और प्रमुख मीडिया ऐप्स (न्यूज प्लेटफॉर्म्स) पर काम का अनुभव रखने वाले संतोष की राजनीति, अपराध और धर्म-संस्कृति की खबरों पर पैनी नजर रहती है.

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