आरा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम में समुदाय में दिया गया स्तनपान के महत्त्व का संदेश

विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर भोजपुर जिले में समुदाय को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान नवजात शिशु के लिए 'पहला टीका' है, जो पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता की मजबूत नींव रखता है. यह शिशु मृत्यु दर को भी कम करने में सहायक है.

Bhojpur News: 'विश्व स्तनपान सप्ताह' के अंतर्गत बुधवार को जिले के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और निकटवर्ती क्षेत्रों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) तथा रोगी हितधारक मंच (PSP) के सदस्यों द्वारा समुदाय को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. कोईलवर, चरपोखरी और शाहपुर प्रखंडों में आयोजित कार्यक्रमों में धात्री माताओं और गर्भवती महिलाओं को नवजात शिशु के लिए मां के दूध को अनिवार्य और जीवनरक्षक बताया गया.

मां का पहला गाढ़ा दूध 'पहला टीका'

कोईलवर प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, धनडीहा में सीएचओ अबु शबाब और एएनएम निगिता कुमारी ने टीकाकरण केंद्र पर आई महिलाओं को जानकारी दी. सीएचओ ने बताया कि जन्म के पहले घंटे के भीतर कराया गया स्तनपान नवजात के लिए पहला टीका होता है, जो उसके पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) की मजबूत नींव रखता है. इससे नवजात मृत्यु दर के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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6 माह तक सिर्फ स्तनपान जरूरी

चरपोखरी प्रखंड के नगराव में सीएचओ नीतू मंडोतिया ने बताया कि शुरुआती 6 महीनों तक शिशु को पानी समेत किसी अन्य चीज की जरूरत नहीं होती है. मां का दूध ही पानी, प्रोटीन, फैट और विटामिन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है. उन्होंने कहा कि मां के दूध में मौजूद एंटीबॉडीज बच्चे को डायरिया, निमोनिया, सर्दी, खांसी और कान के संक्रमण से बचाते हैं. यह पचने में आसान होता है और बच्चे के मानसिक व शारीरिक विकास में मदद करता है.

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दस्त, अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याओं से मिलती है सुरक्षा

शाहपुर प्रखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बेलवानिया में सीएचओ छाया कुमारी ने धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित रूप से स्तनपान कराने से बच्चों में दस्त, उल्टी, अस्थमा और एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बहुत कम हो जाता है. जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्तनपान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर महिलाओं को जागरूक किया गया.

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By Narendra Prasad Sin

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