Arrah Sairat Collection : आरा नगर निगम ने निगम क्षेत्र के सात स्थानों पर सैरात वसूली के लिए नीलामी की है. हालांकि स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि धरातल पर 20 से अधिक स्थानों पर वसूली की जा रही है. इससे आम लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.
निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने की शिकायत
वाहन चालकों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा तय शुल्क की बजाय डेढ़ से दो गुना तक राशि वसूली जा रही है. इतना ही नहीं, विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किए जाने की भी शिकायत सामने आई है. लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है.
नगर निगम की अनुमति केवल सात स्थानों तक सीमित
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सैरात वसूली के लिए केवल सात स्थानों पर अनुमति दी गई है. इनमें बिहारी मिल टेंपो स्टैंड, स्टेशन टेंपो स्टैंड, वीर कुंवर सिंह रमना मैदान परिसर का पार्किंग स्थल, अनुसचिवीय कर्मचारी आवास परिसर का साइकिल स्टैंड, महाराजा कॉलेज गेट टैक्सी स्टैंड, सरदार पटेल मुख्य बस पड़ाव और गांगी पुल बस पड़ाव शामिल हैं.
एक वर्ष की नीलामी, तीन-तीन माह पर परवाना बढ़ाने का प्रावधान
नगर निगम ने सभी सात सैरातों की एक वर्ष के लिए नीलामी की है. व्यवस्था के अनुसार ठेकेदार निर्धारित राशि तीन-तीन माह के अंतराल पर जमा करेंगे, जिसके बाद अगले तीन माह के लिए परवाना बढ़ाया जाएगा. संबंधित डीलिंग असिस्टेंट ने बताया कि 1 जुलाई से सितंबर तक के लिए परवाना जारी किया जा चुका है. वहीं अपर नगर आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी.
इन स्थानों पर सैरात वसूली की दी गई है अनुमति
नगर निगम के अनुसार बिहारी मिल टेंपो स्टैंड, स्टेशन टेंपो स्टैंड, वीर कुंवर सिंह रमना मैदान परिसर, अनुसचिवीय कर्मचारी आवास परिसर साइकिल स्टैंड, महाराजा कॉलेज गेट टैक्सी स्टैंड, सरदार पटेल मुख्य बस पड़ाव और गांगी पुल बस पड़ाव पर ही सैरात वसूली की अनुमति दी गई है.
नगर निगम ने तय की हैं ये शुल्क दरें
नगर निगम के निर्धारित शुल्क के अनुसार टेंपो से 15 रुपये प्रतिदिन, साइकिल से 5 रुपये, मोटरसाइकिल से 10 रुपये, टैक्सी से 35 रुपये तथा बस और अन्य यात्री वाहनों के लिए वाहन श्रेणी के अनुसार 15 रुपये से 60 रुपये प्रतिदिन तक शुल्क निर्धारित किया गया है.
एक ही दिन में कई बार वसूली का भी आरोप
वाहन चालकों का कहना है कि शुल्क प्रतिदिन के हिसाब से तय है, लेकिन कई स्थानों पर एक ही वाहन से दिन में कई बार पैसे लिए जा रहे हैं. इससे दैनिक रूप से चलने वाले वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
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