अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
अररिया. टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में क्षय रोग उन्मूलन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अररिया परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न गांवों और पंचायतों के लिए रवाना किया गया. अभियान का उद्देश्य लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और नि:शुल्क उपचार के प्रति जागरूक करना है.
समय पर जांच और इलाज से टीबी पर पाया जा सकता है काबू
जागरूकता रथ को रवाना करते हुए सीडीओ डॉ. आकाश कुमार ने कहा कि टीबी गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर जांच और नियमित दवा से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं.
गांव-गांव पहुंचाएगा जागरूकता का संदेश
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जागरूकता रथ जिले के विभिन्न गांवों और पंचायतों का भ्रमण करेगा. इसके माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, नि:शुल्क जांच, उपचार और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. साथ ही टीबी मरीजों के प्रति भेदभाव नहीं करने और उनका पूरा इलाज सुनिश्चित कराने का संदेश भी दिया जाएगा.
जनभागीदारी से ही पूरा होगा टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य
पीएचसी प्रभारी डॉ. पीके निराला ने कहा कि टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार से संक्रमण की श्रृंखला को रोका जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग लगातार संभावित मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रहा है. उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब आम लोग भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे.
अधिकारियों ने लिया अभियान को सफल बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में बीएचएम खतीब कुमार, बीसीएम डोली कुमारी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. सभी ने सामूहिक रूप से टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया. अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाकर जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को और गति दी जाएगी.
