धरती जन्म कथा के साथ दूसरे दिन का मधुश्रावणी संपन्न

धरती जन्म कथा के साथ दूसरे दिन का मधुश्रावणी संपन्न

ताराबाड़ी. गौरी दाय कय अंगना में सुहागक गछिया दियो गौरी कनिको सुहाग आदि मैथिली गीतों के बीच दांपत्य जीवन में जुड़ने के बाद अपने पति के सुख शांति दीर्घायु आदि की कामना करने के लिए नवविवाहिताओं का सबसे बड़ा व पवित्र पर्व मधुश्रवणी जारी है. इसको लेकर नव विवाहित महिलाएं काफी खुश नजर आ रही है. सुबह नहा धोकर लाल व पीला जोड़े व चुनरी ओढ़ कर हाथों में डाली लिए फूल तोड़ती है. इस मौके पर गांव की महिलाएं मधुश्रवाणी की गीत गाती है. फिर ससुराल से भेजे गये नाग ,हाथी, केंचुआ का पूजन करती है मदनपुर निवासी शिक्षक प्रकाश झा की सुपुत्री नवविवाहिता प्रीति झा ने बताया कि पर्व के पहले दिन मंगलवार को विषहरा जन्म कथा पूजन की कहानी सुनी. जबकि बुधवार को धरती जन्म की कथा बुजुर्ग महिलाओं द्वारा सुनाई गयी. इस बीच गांव की महिलाएं टोली बनाकर नवविवाहित के घर जाकर पर्व को संपन्न करने कराने में मदद करती है.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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