राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने पर जोर, समाहरणालय में अधिकारियों को मिला गुरुमंत्र

Revenue Administration Seminar:जमीन विवाद और राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अररिया जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है. समाहरणालय में आयोजित एक विशेष सेमिनार में अधिकारियों और कर्मियों को कानूनी बारीकियों से रूबरू कराया गया ताकि आम जनता के काम बिना किसी देरी के हो सकें.

Revenue Administration Seminar: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट: राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विधिसम्मत (कानूनी रूप से सही) बनाने के उद्देश्य से अररिया समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी अंचल अधिकारी (CO), राजस्व अधिकारी (RO), राजस्व कर्मचारी और संबंधित अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. सेमिनार की अध्यक्षता जिला अधिकारी (DM) विनोद कुमार दूहन ने की.

विशेषज्ञ राधामोहन प्रसाद ने दीं महत्वपूर्ण जानकारियां

इस सेमिनार में विशिष्ट अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में बिहार प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त विशेष सचिव राधामोहन प्रसाद शामिल हुए. गौरतलब है कि राजस्व प्रशासन और भूमि संबंधी विषयों पर श्री प्रसाद की दर्जनों पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों के लिए गाइड बुक के रूप में बेहद उपयोगी मानी जाती हैं. उन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर कर्मियों का मार्गदर्शन किया.

दाखिल-खारिज और परिमार्जन की विधिक प्रक्रियाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान श्री प्रसाद ने राजस्व प्रशासन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला. उन्होंने:

  • भूमि अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन और सुरक्षित संधारण.
  • दाखिल-खारिज (म्युटेशन) और परिमार्जन की ऑनलाइन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने.
  • जमाबंदी संधारण और भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन के विधिक व व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की.

यह तकनीकी जानकारी वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘पंचायत सहयोग शिविरों’ में आने वाले भूमि संबंधी परिवादों (शिकायतों) के ऑनस्पॉट निपटारे में अत्यंत उपयोगी साबित होगी. उन्होंने अधिकारियों को हर काम में पारदर्शिता, समयबद्धता और संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी.

जनता से सीधा जुड़ा है विभाग, पूर्ण निष्ठा से करें काम

मुख्य वक्ता ने जोर देकर कहा कि राजस्व विभाग एक ऐसा प्रशासनिक ढांचा है जो आम जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है. इसलिए सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ करना चाहिए ताकि किसी गरीब को ब्लॉक का चक्कर न काटना पड़े. उन्होंने विभिन्न अदालती फैसलों का उदाहरण देते हुए जमीन विवादों के समाधान के अचूक तरीके भी साझा किए.

प्रश्नोत्तर सत्र में सुलझाए गए भूमि संबंधी 100 से अधिक जटिल सवाल

सेमिनार के अंतिम चरण में एक इंटरैक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्र (क्वेश्नन-आंसर राउंड) आयोजित किया गया. इसमें फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों द्वारा पूछे गए 100 से अधिक राजस्व व भूमि संबंधी पेचीदा सवालों और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान विभिन्न सरकारी अधिनियमों व नियमावली के आलोक में किया गया.

इस उच्च स्तरीय सेमिनार में अपर समाहर्ता (ADAM), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO अररिया), जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR अररिया), नजारत उप समाहर्ता, स्थापना उप समाहर्ता सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे. अंत में मुख्य वक्ता को धन्यवाद ज्ञापन सौंपने के साथ सेमिनार का सफल समापन हुआ.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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