RCC Drain Construction Corruption: अररिया के फारबिसगंज से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट: फारबिसगंज शहर के वार्ड संख्या-06 स्थित सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, हॉस्पिटल रोड में इन दिनों सड़क के किनारे आरसीसी नाले का निर्माण कार्य चल रहा है. इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. बीच शहर में चल रहे इस काम में ठेकेदार द्वारा धड़ल्ले से सफेद बालू (लोकल बालू) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे देखकर अब स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग शुरू कर दी है.
दिखाने के लिए रखा लाल बालू, अंदर लग रहा घटिया सामान
स्थानीय लोगों के मुताबिक, संवेदक (ठेकेदार) ने अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए निर्माण स्थल के पास नाम मात्र के लिए थोड़ा सा लाल बालू गिराकर रखा हुआ है. लेकिन नाले की ढलाई और जोड़ाई के काम में केवल निम्न स्तर की निर्माण सामग्री और सफेद बालू का ही उपयोग किया जा रहा है. नियमों और तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस कार्य से नाले के टिकाऊपन पर सवालिया निशान लग गया है. जनता का कहना है कि सरकारी राशि का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
₹22.38 लाख की सरकारी योजना में मानकों की अनदेखी
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार के नगर विकास व आवास विभाग द्वारा योजना संख्या-03/2026-27 के तहत इस नाले का निर्माण कराया जा रहा है. विनोद मिश्रा जी के घर के समीप से लेकर ज्योति मोड़ तक बनने वाले इस आरसीसी नाले की कुल प्राक्कलित राशि 22 लाख 38 हजार 100 रुपये है. इतनी बड़ी राशि की योजना होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है. शहर में चर्चा है कि संबंधित संवेदक द्वारा नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता (जेई) के निर्देशों को भी पूरी तरह से अनदेखा किया जा रहा है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी?
नाला निर्माण में हो रही इस धांधली की शिकायत जब विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंची, तो प्रशासनिक अमले में भी खलबली मच गई. इस पूरे मामले को लेकर:
- नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) रणधीर लाल ने कहा कि स्थानीय नागरिकों द्वारा नाला निर्माण में सफेद बालू के इस्तेमाल की जानकारी दी गई है. मामले को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है. नाले की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता या कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
- नगर परिषद के कनिष्ठ अभियंता (JE) वरुण कुमार ने बताया कि सफेद बालू के इस्तेमाल का मामला प्रकाश में आने के बाद संबंधित संवेदक को काम रोकने और तुरंत मानकों के अनुसार लाल बालू का इस्तेमाल करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया गया है. यदि सुधार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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