परवाहा (अररिया). रानीगंज प्रखंड क्षेत्र में आज भी कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है. आवास के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण ये परिवार कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं. ऐसे परिवार सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं. भूमिहीन परिवारों का कहना है कि लंबे समय से बासगीत पर्चा और वास भूमि उपलब्ध कराने की मांग के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
भोड़हा पंचायत के वार्ड सात में 50 परिवार भूमिहीन
मामला रानीगंज प्रखंड की भोड़हा पंचायत के वार्ड संख्या सात का है. यहां करीब 50 महादलित परिवार भूमिहीन बताए जा रहे हैं. इन परिवारों के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है और वे सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहने को विवश हैं. जमीन के अभाव में उन्हें आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है.
अंचल कार्यालय पहुंचकर सीओ को दिया आवेदन
समस्या को लेकर इन महादलित परिवारों ने मंगलवार को रानीगंज अंचल कार्यालय पहुंचकर सीओ को लिखित आवेदन दिया. आवेदन में मनोहरी ऋषिदेव, रूबी देवी, रनिया देवी, सीमा देवी सहित 50 लोगों के हस्ताक्षर हैं. आवेदन के माध्यम से परिवारों ने रहने के लिए वास भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है.
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उठाई आवाज
महादलित परिवारों के साथ पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता धनंजय ऋषिदेव, मंटू यादव और डेविड कुमार आदि ने कहा कि भूमिहीन परिवारों को रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इन परिवारों को वास भूमि मिलनी चाहिए और प्रशासन को मामले में जल्द पहल करनी चाहिए.
जमीन चिन्हित कर बसाए जाएंगे परिवार
इधर रानीगंज के सीओ अमृत राज ने बताया कि भूमिहीन परिवारों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि जमीन चिन्हित कर इन परिवारों को बसाने की प्रक्रिया की जाएगी.
विधायक ने भी जल्द पहल का दिया भरोसा
विधायक अविनाश मंगलम ने कहा कि महादलित परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए वे जल्द प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि भूमिहीन परिवारों की समस्या का समाधान होना चाहिए और उन्हें रहने के लिए वास भूमि उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
सीओ पर पक्षपात का लगाया आरोप
विधायक ने वर्तमान सीओ पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के मौके पर एक ही पंचायत में 117 लोगों के बीच बासगीत पर्चा का वितरण किया गया, लेकिन इनमें ऋषिदेव समाज का एक भी परिवार शामिल नहीं था. विधायक ने इस मामले में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भूमिहीन परिवारों को भी बासगीत पर्चा उपलब्ध कराने की मांग की.
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