अररिया (फारबिसगंज) से बिपुल विश्वास की रिपोर्ट
फारबिसगंज. प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी इलाकों में सड़क और पुल की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है. खैरखां-समौल सड़क मार्ग पर स्थित सुरहा धार पुल जर्जर होने के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है. यह मार्ग खैरखां, समौल, लहसुनगंज, हलहलिया सहित कई पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है, लेकिन पुल क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है.
प्रमुख बातें
- खैरखां-समौल सड़क मार्ग पर सुरहा धार पुल जर्जर होने से आवागमन जोखिम भरा.
- विभाग ने बड़े वाहनों पर रोक लगाई, लेकिन चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया.
- सड़क और कल्वर्ट के एप्रोच रोड भी कई जगह क्षतिग्रस्त.
- ग्रामीणों ने हर साल मरम्मत के बजाय नए पुल निर्माण की मांग उठाई.
- विधायक ने नए पुल निर्माण का भरोसा दिलाया.
बड़े वाहनों पर रोक, लेकिन चेतावनी बोर्ड तक नहीं
ग्रामीणों के अनुसार पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए विभाग ने बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है. इसके बावजूद पुल के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है.
सड़क की भी हालत बदहाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के बाद अब तक इसका समुचित रखरखाव नहीं किया गया. जगह-जगह सड़क टूट चुकी है और कई कल्वर्ट के एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गए हैं. अम्हारा-खवासपुर-मुरबल्ला सड़क मार्ग पर अम्हारा बाजार में खराब ढलाई के कारण हल्की बारिश में भी जलजमाव हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है.
हर साल मरम्मत, फिर भी स्थायी समाधान नहीं
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुरहा धार पुल के एप्रोच रोड की मरम्मत हर वर्ष कराई जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं होती. उनका कहना है कि मरम्मत पर होने वाले खर्च से अब तक नया पुल बन सकता था. स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक संगठनों ने मरम्मत कार्य में हुए खर्च की जांच कराने की मांग की है.
नए पुल निर्माण का भरोसा
फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि सुरहा धार पर जर्जर पुल की जगह नए पुल का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
