जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
जोगबनी जोगबनी रेलवे स्टेशन पर नेपाल के विराटनगर स्थित नेत्र अस्पतालों तक मरीजों को ले जाने वाले मारुति वैन चालकों की मनमानी और बदसलूकी का मामला एक बार फिर सामने आया है. आरोप है कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अपनी गाड़ी में बैठाने की होड़ में चालक स्टेशन परिसर में धक्का-मुक्की और हाथापाई तक कर रहे हैं. ताजा मामले में एक महिला ने राजकीय रेल थाना जोगबनी में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है.
महिला से हाथापाई का आरोप
मंगलवार को कुर्साकांटा से आंख का इलाज कराने नेपाल जा रही एक महिला के साथ जोगबनी रेलवे स्टेशन परिसर में कथित तौर पर एक नेपाली मारुति वैन चालक ने गाड़ी में बैठाने को लेकर हाथापाई की. घटना के बाद पीड़ित महिला ने राजकीय रेल थाना जोगबनी में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
कमीशन के लिए मरीजों पर टूट पड़ते हैं चालक
स्थानीय लोगों का कहना है कि विराटनगर के विभिन्न नेत्र अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने के लिए वैन चालकों के बीच प्रतिस्पर्धा रहती है. सूत्रों के अनुसार, अस्पतालों की ओर से प्रत्येक मरीज लाने पर चालक को लगभग 200 रुपये और मरीज के ऑपरेशन होने पर करीब 2,000 रुपये तक का कमीशन दिया जाता है. इसी वजह से ट्रेन पहुंचते ही बड़ी संख्या में चालक यात्रियों को अपनी गाड़ी में बैठाने के लिए होड़ लगाने लगते हैं.
रजिस्ट्रेशन फेल वाहनों पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नेपाल से आने वाली कई मारुति वैन का रजिस्ट्रेशन फेल है. इसके बावजूद उनके कागजातों की समुचित जांच नहीं होने से ये वाहन जोगबनी क्षेत्र में धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं. इससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
पहले भी हो चुका है हादसा
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष आंख अस्पताल ले जा रही एक मारुति वैन में अचानक आग लग गई थी. हादसे के दौरान वाहन में सवार यात्री झुलस गए थे. आरोप है कि चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर आग पर काबू पाया.
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नेपाल से आने वाले वाहनों के दस्तावेजों की नियमित जांच कराई जाए. साथ ही जोगबनी रेलवे स्टेशन परिसर में सक्रिय वैन चालकों और कथित दलालों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके.
