अररिया : भरगामा प्रखंड की मौजहा रघुनाथपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या-14 स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है. वर्ष 1999 में तत्कालीन विधायक दयानंद यादव के कार्यकाल में बने इस स्वास्थ्य केंद्र की छत टपक रही है और भवन जर्जर हो चुका है. ग्रामीणों का आरोप है कि जहां लोगों को इलाज मिलना चाहिए था, वहां आज अवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है.
25 हजार आबादी को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के कारण पंचायत की करीब 25 हजार आबादी को छोटी-बड़ी बीमारी और आपातकालीन स्थिति में लगभग छह किलोमीटर दूर भरगामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.
दो साल से अधूरा पड़ा नया भवन
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर करीब दो वर्ष पहले नए स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक काम पूरा नहीं हो सका. आरोप है कि कमीशनखोरी और आपसी विवाद के कारण ठेकेदार निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर चले गए. स्थानीय मजदूरों को भी अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी है.
परिसर में पसरी अव्यवस्था
अधूरा भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं आने के कारण बदहाल हो चुका है. परिसर में अवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र की उपयोगिता पूरी तरह समाप्त हो गई है.
ग्रामीणों ने उठाई ये मांग
- अधूरे भवन का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए.
- उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं.
- आवश्यक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और दवाओं की व्यवस्था की जाए.
- निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए.
जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की आबादी लगभग 25 हजार है और शिक्षा दर करीब 70 प्रतिशत है. प्रखंड मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर तथा जिला मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर होने के बावजूद यहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अधूरा निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर उप स्वास्थ्य केंद्र को चालू कराने की मांग की है.
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