फारबिसगंज से मो. कलीमउद्दीन की रिपोर्ट
फारबिसगंज : स्थानीय संस्था क्षेत्रीय रचनात्मक विकास मंच की ओर से शहर के प्लस टू ली अकादमी परिसर में पारितोषिक वितरण सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मोहर्रम ताजिया जुलूस-2026 के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने, आकर्षक एवं पारंपरिक ताजिया निकालने तथा शांतिपूर्ण जुलूस में उत्कृष्ट लाठी खेल का प्रदर्शन करने वाले चयनित अखाड़ों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया.
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक मनोज विश्वास, मोहर्रम कमिटी अध्यक्ष दिलशाद अहमद, प्रधान महासचिव वाहिद अंसारी, उपाध्यक्ष शमीम अहमद, उप सचिव इमामुल हक, मंच संरक्षक सूर्यनारायण पटेल, पूर्व उप मुख्य पार्षद शाद अहमद, नगर अध्यक्ष अमितेश कुमार गुड्डू, प्रखंड अध्यक्ष गुलाबचंद ऋषिदेव, जदयू प्रदेश सचिव रमेश सिंह, चेंबर ऑफ कॉमर्स जिलाध्यक्ष मूलचंद गोलछा, समाजसेवी इजहार आलम तथा मंच के संस्थापक सचिव मनोज जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. स्वागत गान के बाद सभी अतिथियों का बुके और शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया.
सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने वालों को भी मिला सम्मान
समारोह में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मूलचंद गोलछा, रमेश सिंह, मनोज जायसवाल, वाहिद अंसारी, शंभु साह, डॉ. क्रांति कुंवर, अमित पूर्वे, राजा अली, इजहार आलम, नूर आलम, मो. जलाल सहित कई समाजसेवियों को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
इन अखाड़ों ने जीते पुरस्कार
ग्रामीण ताजिया प्रतियोगिता में मीर कचहरी अखाड़ा प्रथम, रामपुर एवं ढोलबज्जा संयुक्त रूप से प्रथम, हरीपुर द्वितीय तथा कुढ़ेली राय टोला तृतीय स्थान पर रहा. शहरी ताजिया प्रतियोगिता में गुदरी मोहल्ला प्रथम, दल्लू टोला द्वितीय तथा आलम टोला वीरवान चौक तृतीय स्थान पर रहा.
शांति जुलूस प्रतियोगिता के ग्रामीण वर्ग में ढोलबज्जा प्रथम, रामपुर द्वितीय और हरीपुर तृतीय स्थान पर रहा. वहीं शहरी वर्ग में दल्लू टोला प्रथम, खुशबू नगर द्वितीय तथा सयरा नगर, फूलबड़िया हाट और कादरी टोला को तृतीय स्थान मिला. लाठी खेल में मो. दिलशाद, राजा अली, मो. वसीम और राजू को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया.
एकता और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, शांति और एकता को मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा कि मोहर्रम जैसे धार्मिक आयोजनों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सभी समुदायों की भागीदारी सराहनीय है.
