कुर्साकांटा : संभावित बाढ़ को देखते हुए कुर्साकांटा प्रखंड प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अंचल प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं.
नाव, शरण स्थल और पॉलीथिन की व्यवस्था
अंचलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में तीन नावों की मरम्मत करा ली गई है. इसके अलावा 46 बाढ़ शरण स्थल और दो बाढ़ आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं. आपदा की स्थिति से निपटने के लिए दो हजार पॉलीथिन शीट की भी व्यवस्था की गई है.
राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष नजर
बाढ़ के दौरान आवश्यक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को पर्याप्त मात्रा में सूखा राशन रखने का निर्देश दिया गया है. वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. गर्भवती महिलाओं की सूची और संभावित प्रसव तिथि की जानकारी स्वास्थ्य केंद्रों से प्राप्त कर ली गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
कटाव वाले क्षेत्रों की हो रही निगरानी
सीओ ने बताया कि संभावित कटाव स्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है. जिन सड़कों पर बाढ़ के दौरान पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है, उनका भी सर्वेक्षण किया गया है. थाना स्तर पर इमरजेंसी अलार्म सक्रिय कर दिया गया है और संचार व्यवस्था के लिए कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर लिया गया है.
पशुओं के लिए भी बनाई गई योजना
प्रशासन ने बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए ऊंचे स्थानों की पहचान कर ली है. साथ ही पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कार्ययोजना तैयार की गई है.
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