विधि-विधान पूर्वक किया जा रहा व्रत अनुष्ठान

मंगलवार से मधुश्रावणी व्रत प्रारंभ हो गया. यह व्रत बिहार के मिथिला क्षेत्र में मुख्य रूप से मनाया जाता है.

कुर्साकांटा. मंगलवार से मधुश्रावणी व्रत प्रारंभ हो गया. यह व्रत बिहार के मिथिला क्षेत्र में मुख्य रूप से मनाया जाता है. शुक्लपक्ष के तृतीया तिथि को इसका समापन होता है. इस बार मधु श्रावणी व्रत मंगलवार 15 जुलाई से शुरू होकर 27 जुलाई को समापन होगा. यह व्रत नवविवाहित महिलाएं मायके में ही करती हैं. नवविवाहित महिलाएं दाम्पत्य जीवन शुरू होने के प्रथम वर्ष में पहली सावन में करती हैं. ऐसी मान्यता है कि इस पूजा से माता पार्वती व देवों के देव महादेव प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि इस पर्व को निष्ठा पूर्वक सच्ची श्रद्धा के साथ करने से दाम्पत्य जीवन प्रगाढ़ होता है, जीवन में खुशहाली आती है. इस पूजा में भगवान गणेश, चिकनी मिट्टी, चनाई व गोबर से बने विसहरा, गौरी शंकर की पूजा की जाती है.

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