मौनसून की बेरुखी के बाद बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान की रोपनी में आई तेजी

मौनसून की बेरुखी के बाद हुई झमाझम बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पानी भरने से धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पैदावार की उम्मीद जगी है।

मौनसून की बेरुखी के बाद बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान की रोपनी में आई तेजी फोटो-1-खेत में धान रोपनी करते श्रमिक प्रतिनिधि, सिकटी सूरज की तीखी धूप से झुलस रहे धान के बीज व दरारें पड़े खेतों को देखकर परेशान किसानों के लिए बुधवार व गुरुवार की झमाझम बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही. सीमावर्ती सिकटी प्रखंड के गांव-गांव में दो दिनों की लगातार वर्षा के बाद खेतों में पानी भर गया. धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. पिछले कई दिनों से मौसम की बेरुखी के कारण किसान रोपनी रोककर बैठे थे. खेतों में नमी नहीं होने से खरीफ की खेती पिछड़ रही थी. कृषि विभाग के अनुसार पिछले सप्ताह तक लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 02 प्रतिशत रोपनी ही हो पाई थी. जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है. लगातार हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी व जलभराव हो गया है. इससे अनुकूल परिस्थितियां बनते ही किसान ट्रैक्टर व हाथों से रोपाई में जुट गए हैं. खेतों में लहलहाती पौधा व रोपनी में लगी चहल-पहल से ग्रामीण इलाकों में नई उम्मीद जगी है.किसानों का कहना है कि समय पर बारिश होने से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचेगा. उत्पादन भी बेहतर होगा. यदि मौसम इसी तरह साथ देता रहा तो लागत कम होने के साथ पैदावार बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि किसान अभी भी चौकन्ने हैं. उनका कहना है कि पूरे सीजन में संतुलित वर्षा जरूरी है. अधिक बारिश या बीच में बारिश थमने से फसल प्रभावित हो सकती है. ऐसे में सभी की निगाहें अब आकाश और मौसम के मिजाज पर टिकी हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Praphull bharti

Published by: Janardan Pandey

प्रफुल्ल भारती प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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