अररिया : भरगामा प्रखंड में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य के दौरान अवैध वसूली के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है. जयनगर और कुशमोल पंचायत के कई किसानों ने सर्वे प्रक्रिया के नाम पर रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद किसान गोलबंद होने लगे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
किसानों ने लगाए गंभीर आरोप
किसानों की शिकायत मिलने पर जिला परिषद क्षेत्र संख्या-7 के प्रतिनिधि एवं युवा नेता माधव यादव ने कहा कि कई किसानों ने उनसे शिकायत की है कि जमीन के दस्तावेजों की फोटोकॉपी, कागजात जमा करने, सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर उनसे पैसे लिए जा रहे हैं. उनका आरोप है कि खतियान और अन्य आवश्यक दस्तावेज सही होने के बावजूद कुछ सर्वे कर्मियों तथा कथित बिचौलियों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है.
माधव यादव ने बताया कि इस संबंध में कैंप प्रभारी को लिखित और मौखिक शिकायत दी गई है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी कर्मियों और बिचौलियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसानों का भरोसा कायम रहे. उन्होंने किसानों से भी सर्वे के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली का विरोध करने और इसकी सूचना प्रशासन को देने की अपील की.
सर्वे अमीनों ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जयनगर की सर्वे अमीन राजबाला वर्मा और कुशमोल के सर्वे अमीन रोहित कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है तथा किसी भी किसान से अवैध रूप से कोई राशि नहीं ली जा रही है.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
कैंप प्रभारी प्रिय बंधु विवेकानंद ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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