अररिया में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, 68 पंचायत सचिव निलंबित

जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. डीएम द्वारा जारी इस आदेश में संबंधित पंचायत सचिवों पर लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल जाने, इससे पंचायत स्तर पर संचालित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के पूरी तरह प्रभावित होने की बात कही गयी है.

हड़ताल व लापरवाही की वजह से डीएम ने जारी किया निलंबन का आदेश अररिया. जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. डीएम द्वारा जारी इस आदेश में संबंधित पंचायत सचिवों पर लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल जाने, इससे पंचायत स्तर पर संचालित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों के पूरी तरह प्रभावित होने की बात कही गयी है. पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, वंशावली तैयार करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, षष्ठम राज्य वित्त आयोग व 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग की योजनाओं के क्रियान्वयन सहित मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे थे. इसके अलावा भारत की जनगणना-2027 जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई. इसका सीधा असर आम लोगों व जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा था. जानकारी मुताबिक बीते 29 अप्रैल को हड़ताल पर रहने वाले पंचायत सचिवों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी. बावजूद इसके किसी भी संबंधित कर्मी द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया. सभी बीडीओ ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि संबंधित पंचायत सचिव अब तक अपने कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटे हैं. पंचायती राज विभाग के निदेशक के विभागीय सचिव द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में हड़ताल व अनाधिकृत अनुपस्थिति को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध यह कार्रवाई किये जाने की बात डीएम द्वारा जारी आदेश में की गयी है. डीएम ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के निर्धारित नियमों के तहत सभी 68 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है. निलंबन की अवधि में संबंधित पंचायत सचिवों के लिये विभिन्न प्रखंडों में मुख्यालय निर्धारित किये गये हैं. साथ ही उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा. जिला प्रशासन ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत सचिवों के विरुद्ध विहित प्रपत्र में आरोप पत्र तैयार कर एसडीओ के माध्यम से 24 घंटे के भीतर जिला पंचायत राज कार्यालय को उपलब्ध करायें.

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Author: PRAPHULL BHARTI

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