New Rail Line: रेल मंत्रालय की ओर से बिहार को खास तोहफा दिया गया है. नालंदा से बोधगया के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने वाली है. राज्य में तीन नई रेल परियोजनाओं पर काम जल्द ही शुरू होने वाला है. रेलवे की ओर से हरी झंडी दे दी गई है. साथ ही सबसे खास बात यह मानी जा रही है कि रेल लाइनें बिछाने के लिए सर्वे की मंजूरी के साथ जरूरी फंड की भी व्यवस्था कर दी गई है.
इन तीन रेल परियजोनाओं को मिली स्वीकृति
जिन तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनमें पावापुरी-नवादा रेल परियोजना, इस्लामपुर-बोधगया वाया मानपुर रेल लाइन और बिहारशरीफ-जहानाबाद वाया एकंगरसराय रेल लाइन शामिल है. अगर इन सभी रेल परियोजना को लेकर काम तय समय के साथ पूरे होते हैं तो जल्द ही लोगों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. एक मॉडर्न और मजबूत नेटवर्क तैयार हो जाएगा.
तीनों रेल परियोजनाओं के बारे में जानिए
पावापुरी-नवादा रेल परियोजना- यह रेल परियोजना लगभग 34 किलोमीटर लंबी होगी. रेल मंत्रालय की ओर से इसके लिए स्वीकृति मिल गई है. इस परियोजना के लिए बजट में लगभग 492.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस रूट पर तीन मुख्य स्टेशन के साथ 2 बड़े और 17 पुल बनाए जाने की योजना है. इसके बनने से पर्यटन स्थल पावापुरी और नवादा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो सकेगी.
इस्लामपुर-बोधगया वाया मानपुर रेल लाइन- इस रेल परियोजना की लंबाई लगभग 50 किलोमीटर होगी. इस रेल लाइन के बनने में 1000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस रूट में चार स्टेशन के साथ चार हॉल्ट भी बनाए जायेंगे. इस रूट पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चलेगी. इस रेल लाइन के बिछने से नालंदा और गया और इंटरनेशन पर्यटन स्थल बोधगया से सीधे कनेक्ट हो सकेगा.
बिहारशरीफ-जहानाबाद वाया एकंगरसराय- इस रेल लाइन के बिछने के बाद बिहारशरीफ को गया-पटना रेल रूट पर स्थित जहानाबाद से सीधे जुड़ेगी. इसकी लंबाई लगभग 65 किलोमीटर होगी. इसका सर्वे अब अंतिम फेज में है. इस रेल लाइन के बिछने में भी 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही तीन बड़े जंक्शन, पांच हाल्ट और एक क्रॉसिंग स्टेशन बनाए जाने की प्लानिंग है.
रेल लाइन के बिछने से होंगे ये फायदे
इस तरह से तीन रेल लाइनों के बिछने से लोगों को बड़ी सहूलियत मिल सकेगी. नालंदा (राजगीर), गया, बोधगया, बिहारशरीफ और पावापुरी जैसे जगहों पर पर्यटन को बढ़ावा मिल सकेगा. इसके साथ ही क्षेत्रिय व्यापार, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकेगा.
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