एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव? चयनकर्ताओं के सामने ये 3 सवाल

एशियाई गेम्स 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम पड़ाव है, जहां पुरुष और महिला टीमें अपने खिताब बचाने उतरेंगी. यह सिर्फ पदक की लड़ाई नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी को परखने का भी बड़ा मौका है.

Team India : महिला एशिया कप 2026 का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा. इसके बाद भारतीय क्रिकेट का फोकस एशियन गेम्स पर होगा, जहां भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अपने पिछले खिताब का बचाव करने उतरेगा. जापान के आइची-नागोया में होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता में महिला मुकाबले 17 सितंबर से और पुरुष मुकाबले 24 सितंबर से शुरू होंगे. दोनों टूर्नामेंट टी20 प्रारूप में खेले जाएंगे. लेकिन इस बार एशियन गेम्स सिर्फ पदक की लड़ाई नहीं है. भारतीय क्रिकेट के लिए यह अपनी अगली पीढ़ी को परखने का भी मौका है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चयनकर्ता अब बड़े टूर्नामेंटों में सिर्फ स्थापित सितारों पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत दूसरी कतार तैयार कर रहे हैं?

एशियन गेम्स से पहले टीम इंडिया की सबसे बड़ी चुनौती

बीसीसीआई की पुरुष टीम में अनुभव और युवा जोश का अच्छा मिश्रण दिखाई देता है. श्रेयस अय्यर कप्तान हैं और तिलक वर्मा उपकप्तान. अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के साथ जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी नाम भी टीम में हैं.

महिला टीम में भी यही संतुलन देखने को मिलता है. हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के साथ शफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी अनुभवी खिलाड़ी हैं. वहीं जी. कमालिनी, श्री चरणी, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला है. इस चयन से साफ है कि भारत सिर्फ आज की टीम नहीं, बल्कि भविष्य की टीम को भी तैयार करने की कोशिश कर रहा है.

युवा खिलाड़ियों पर कितना भरोसा?

टी20 क्रिकेट ने भारतीय टीम के चयन का तरीका काफी बदला है. अब युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता. घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें जल्दी बड़े मंच पर आजमाया जा रहा है.

वैभव सूर्यवंशी (एक्स)

वैभव सूर्यवंशी इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. कम उम्र में ही टी20 क्रिकेट में पहचान बनाने वाले सूर्यवंशी को एशियन गेम्स की टीम में जगह मिली है. अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी भी इसी नई पीढ़ी का हिस्सा हैं.

महिला क्रिकेट में जी. कमालिनी और श्री चरणी जैसे खिलाड़ियों को वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ मौका देना भी इसी सोच को दिखाता है. इसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है. अगर किसी बड़े खिलाड़ी को चोट लगती है या वह वर्कलोड के कारण उपलब्ध नहीं रहता, तो टीम के पास ऐसा विकल्प होगा जिसे अंतरराष्ट्रीय दबाव का पहले से अनुभव है.

फिटनेस भी चयन का बड़ा आधार

आज के क्रिकेट में सिर्फ प्रदर्शन काफी नहीं है. लगातार मैचों और अलग-अलग प्रारूपों के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड भी चयन का अहम हिस्सा बन चुके हैं. जेमिमा रोड्रिग्स इसका ताजा उदाहरण हैं. द हंड्रेड में लगी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह महिला एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर हो गईं. वहीं श्रीयंका पाटिल का एशियन गेम्स चयन फिटनेस के अधीन रखा गया है. ऐसी स्थिति में चयनकर्ताओं को खिलाड़ी के आंकड़ों के साथ यह भी देखना पड़ता है कि वह टूर्नामेंट के दौरान पूरी तरह फिट और उपलब्ध रहेगा या नहीं. टीम मैनेजमेंट अब पुरानी सोच से आगे बढ़ते हुए एक नए मॉडल पर काम कर रहा है, जिसमें युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन, मजबूत बैकअप और खिलाड़ियों को पहले से अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने पर जोर दिया जा रहा है-

पहले की प्राथमिकताअब की प्राथमिकता
स्थापित खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसायुवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण
सीमित खिलाड़ियों का लगातार इस्तेमालदूसरी कतार तैयार करना
बड़े टूर्नामेंट में ही युवा खिलाड़ियों को मौकापहले से अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना
चोट के बाद विकल्प तलाशनापहले से बैकअप तैयार रखना

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जापान में क्रिकेट के लिए भारत क्यों अहम?

एशियन गेम्स जापान में क्रिकेट की पहुंच बढ़ाने का भी एक अवसर है. भारत जैसी बड़ी क्रिकेट टीम की मौजूदगी वहां खेल के प्रति लोगों में रुचि बढ़ा सकता है. आईसीसी के अनुसार क्रिकेट 2010 से एशियन गेम्स का हिस्सा है और भारत ने 2022 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीता था. इस बार भी भारत दोनों वर्गों में मजबूत दावेदार है. पुरुष टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है. इसके अलावा भारत 22 सितंबर को जापान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी खेलेगा, जो दोनों देशों के बीच पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच होगा.

2028 ओलंपिक से पहले अहम है एशियन गेम्स

क्रिकेट 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में वापसी कर रहा है. पुरुष और महिला दोनों वर्गों में छह-छह टीमों का टी20 टूर्नामेंट होगा. ऐसे में एशियन गेम्स भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़े बहु-खेल आयोजन के माहौल को समझने का अच्छा अनुभव दे सकता है. खासकर युवा खिलाड़ियों के लिए यह मौका महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि उन्हें सिर्फ क्रिकेट के दबाव ही नहीं, बल्कि एक बड़े खेल आयोजन का हिस्सा बनने का अनुभव भी मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By अभिजीत कुमार

अभिजीत कुमार पत्रकारिता जगत में दो वर्षों का अनुभव रखने वाले युवा पत्रकार हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में कार्य किया है. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के संपादन, लेखन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

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